जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

 


अररिया ,13 अप्रैल(हि.स.)।

फारबिसगंज के तिरसकुंड पंचायत के प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में सोमवार को जलियांवाला बाग हत्याकांड के सभी अमर शहीदों को स्कूली बच्चों के द्वारा श्रद्धांजलि दी गई।

आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षक रंजीत कुमार मंडल ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में रोलेट एक्ट का विरोध कर रही निहत्थे भीड़ पर ब्रिगेडियर जनरल डायर ने बिना चेतावनी गोलियां चलवाकर भीषण नरसंहार किया था। बैसाखी के दिन हुए इस हमले में सैकड़ो लोग मारे गए और हजारों घायल हुए थे, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण मोड़ बना। आधिकारिक तौर पर ब्रिटिश आंकड़े के मुताबिक 379 मौतों का दावा कि जाती है, लेकिन कांग्रेस की जांच समिति ने लगभग हजार मौतें होने की बात कही थी।

इस घटना से दुखी होकर रवींद्रनाथ टैगोर ने सर नाइटहुड की उपाधि लौटा दी थी।महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन 1920 - 22 की शुरुआत की। भारत मां के वीर सपूत शहीद उधम सिंह ने इस हत्याकांड का बदला लेने के लिए 1940 में लंदन में माइकल ओ डायर पंजाब के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर की हत्या की थी। कार्यक्रम में प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह कवि सह शिक्षक संजीत कुमार निगम पूर्व प्रधानाध्यापक कुमार राजीव रंजन ने भी अपने-अपने विचार रखे।शहीदों को मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर