भागलपुर में धूमधाम से मनाई गई शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती, परिवार के सदस्य सम्मानित
भागलपुर, 19 सितंबर (हि.स.)।महान साहित्यकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती शनिवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। उनके ननिहाल माणिक सरकार स्थित ऐतिहासिक 'गांगुली बाड़ी' में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें साहित्य, समाज और उनके जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन बिहार बंगाली समिति (बरारी शाखा), भाषा-कृष्टि मिलन मेला एवं शरत द्वार निर्माण समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि शिक्षाविद् राजीव कांत मिश्रा और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अंकित कुमार समेत अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शरच्चंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन, उनके विराट व्यक्तित्व और कालजयी साहित्यिक योगदान को रेखांकित किया।
वक्ताओं ने कहा कि शरतचंद्र का साहित्य मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक यथार्थ और आम जनजीवन से गहराई से जुड़ा रहा है। उनकी रचनाएं आज के दौर में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी पहले थीं।
जयंती के इस मौके पर शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के परिवार के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। उनके ममेरे भाई के पुत्र शांतनु गांगुली, उज्ज्वल गांगुली, अपर्णा गांगुली, माला गांगुली, समुज्ज्वल गांगुली और उनकी पुत्री रेमी गांगुली को आयोजन समिति द्वारा अंगवस्त्र (चादर) ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य कार्यक्रम के समापन के बाद सभी अतिथि और सदस्य 'शरत द्वार' पहुंचे। वहां शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के तैलचित्र पर माल्यार्पण किया गया और दीप प्रज्वलित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय साहित्य प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने महान कथाशिल्पी की साहित्यिक विरासत को नमन किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर