भूमि विवादों के समाधान के लिए कटिहार में हर शनिवार को लगेगा जनता दरबार
कटिहार, 07 अगस्त (हि.स.)। सात निश्चय-3 के तहत सातवें निश्चय सबका सम्मान-जीवन आसान को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कार्यालय कक्ष में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 69 से अधिक परिवादकर्ताओं की समस्याएं गंभीरतापूर्वक सुनीं और उनके त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सप्ताह में दो दिन यानी सोमवार एवं शुक्रवार को सभी विभागीय पदाधिकारी अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे ताकि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्देशों की अवहेलना या अधिकृत पदाधिकारी की अनुपस्थिति की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई अधिकारी एक से अधिक कार्यालयों के प्रभार में है तो वह सोमवार और शुक्रवार को समय निर्धारित कर सभी कार्यालयों में लोगों से मिलना सुनिश्चित करेगा।
प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रत्येक कार्यालय में आगंतुक पंजी का विधिवत संधारण करते हुए प्राप्त शिकायतों की प्रविष्टि और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रखंड, पंचायत और जिला स्तर पर प्रतिदिन आगंतुकों की संख्या की रिपोर्टिंग भी अनिवार्य कर दी गई है। किसी भी समस्या पर तत्काल वरीय पदाधिकारी को सूचित करने का निर्देश भी दिया गया है।
आज के कार्यक्रम में आमजनों ने मुख्य रूप से भूमि विवाद, आपसी बंटवारा, अतिक्रमण, कल्याण, बैंकिंग, आपूर्ति, स्वास्थ्य, नगर पंचायत, पंचायती राज, विद्युत और अन्य विभागों से संबंधित परिवाद पत्र दिए। जिलाधिकारी ने इन मामलों पर संज्ञान लेते हुए कई आवेदनों के निष्पादन की जिम्मेदारी अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, भूमि उपसमाहर्ता सदर, बारसोई, मनिहारी तथा अनुमंडल पदाधिकारी सदर, बारसोई एवं मनिहारी को सौंपी है।
भूमि और जमीन से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देते हुए डीएम ने संबंधित अंचलाधिकारी तथा थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि वे हर शनिवार को अंचल स्तर पर आयोजित होने वाले जनता से साक्षात्कार कार्यक्रम में दोनों पक्षों के व्यक्तियों को बुलाकर मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराएं।
हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह