बाढ़ पीड़ितों की सेवा सबसे बड़ा धर्म, संकट की घड़ी में मानवता के लिए आगे आएं लोग: सैयद शाह फखरे आलम हसन

 


भागलपुर, 28 अगस्त (हि.स.)।

बाल निकेतन स्कूल, यूनिवर्सिटी कैंपस में रह रहे बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच खानकाह पीर दमड़िया शाह की ओर से शुक्रवार शाम मानवीय सहायता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मानव सहायता केंद्र के डायरेक्टर प्रोफेसर देव ज्योति मुखर्जी की निगरानी में वक्फ सैयद शाह इनायत हुसैन नं. 159, शाह मार्केट, खलीफाबाग, भागलपुर की ओर से सैकड़ों बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई और जरूरतमंद लोगों के बीच भोजन वितरित किया गया।

इस अवसर पर खानकाह पीर दमड़िया शाह के सज्जादा नशीन सैयद शाह फख्रे आलम हसन ने कहा कि मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है। किसी जरूरतमंद और पीड़ित इंसान के काम आना, उसके दुख-दर्द में सहभागी बनना और कठिन समय में उसकी सहायता करना ही सच्ची भक्ति और इबादत की भावना है।

ऐसी सेवाओं से समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, सद्भावना और करुणा की भावना मजबूत होती है। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि नेपाल में बाढ़ ने भयावह रूप धारण किया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है, वहीं बिहार में भी बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित एवं विस्थापित हुए हैं।

उन्होंने कहा, “हम ईश्वर से प्रार्थना और खुदा से दुआ करते हैं कि सभी बाढ़ पीड़ितों और विस्थापित परिवारों की हिफाजत फरमाए, उन्हें सुरक्षित एवं सलामत रखे और जल्द से जल्द उनके हालात सामान्य हों। सैयद शाह फखरे आलम हसन ने समाजसेवियों, सामाजिक संस्थाओं और सक्षम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा और संकट की ऐसी घड़ी में हर व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार पीड़ितों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।

जरूरतमंद इंसान की सेवा से ईश्वर प्रसन्न होता है और इसी के माध्यम से हम एक जिम्मेदार एवं संवेदनशील नागरिक होने का परिचय भी देते हैं। उन्होंने कहा कि खानकाह पीर दमड़िया शाह मानवता की सेवा और जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा आगे बढ़कर काम करती आई है। वक्फ नं. 159, शाह मार्केट, खलीफाबाग की ओर से भी ऐसे मानवीय एवं सामाजिक कार्यों में निरंतर बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जाता रहा है और भविष्य में भी इंसानियत की सेवा का यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर