बकाया भुगतान न होने से बिहार में उग्र आंदोलन और भूख हड़ताल की संवेदकों ने दी चेतावनी
सारण, 12 जून (हि.स.)। राज्य के विकास कार्यों की रीढ़ माने जाने वाले संवेदक महीनों से लंबित करोड़ों रुपये के बकाया भुगतान नहीं होने से नाराज़ हैं। संवेदक अब आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं।
सारण में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संवेदक संघ के प्रतिनिधियों ने सरकार की नीतियों पर प्रहार किया। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो पूरे बिहार में उग्र आंदोलन और सामूहिक भूख हड़ताल की जाएगी।
प्रेस वार्ता के दौरान संवेदक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधि अजय सिंह ने सरकार को संवेदकों की ताकत का अहसास कराया। उन्होंने कहा जैसे लोकतंत्र के चार स्तंभ माने जाते हैं वैसे ही विकास कार्यों के लिए संवेदक व्यवस्था पांचवा स्तंभ है। वे किसी भी सरकार की नई को हिलाने का ताकत रखते हैं। अगर संवेदक काम करना बंद कर दें तो सरकार की पूरी विकास व्यवस्था तहस-नहस हो जाएगी, लेकिन वर्तमान सरकार इस सच को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
संघ का आरोप है कि राज्य में छोटे से लेकर बड़े ठेकेदारों तक, सभी के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। पिछले अक्टूबर महीने से ग्रामीण कार्य विभाग, भवन निर्माण विभाग, पीडब्ल्यूडी, आवास विभाग और नगर निगम समेत लगभग सभी प्रमुख विभागों के संवेदकों को एक रुपये का भी भुगतान नहीं किया गया है। कार्य पूरा होने के बावजूद उनके विपत्र सचिवालय में धूल फांक रहे हैं।
संवेदक संघ ने स्पष्ट किया कि यह समस्या सिर्फ सारण जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लड़ाई पूरे बिहार के संवेदकों के मान-सम्मान और हक के लिए है। भुगतान न होने के कारण कई संवेदक भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि सचिवालय में जमा सभी लंबित विपत्रों का तुरंत नियम संगत भुगतान किया जाए, अन्यथा वे पटना सचिवालय और जिला मुख्यालयों के समक्ष अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार