धम्म विजया दशमी पर संगोष्ठी, अंधविश्वास मुक्ति और नशामुक्त समाज का संकल्प

 


भागलपुर, 20 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र के शाहपुर गांव में मंगलवार को सम्राट अशोक द्वारा प्रारंभ की गई 'धम्म विजया दशमी' के अवसर पर एक भव्य विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता रणजीत मंडल ने की।

संगोष्ठी में वक्ताओं ने सम्राट अशोक के जीवन दर्शन, समाज में बढ़ते अंधविश्वास और युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जागरूक समाज निर्माण का संकल्प लिया। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता अखिलेश रमण ने अपने संबोधन में कहा कि सम्राट अशोक ने युद्ध पर नहीं, बल्कि अपने ऊपर विजय प्राप्त की थी। उन्होंने अहिंसा के मार्ग को अपनाकर बौद्ध धर्म की शरण ली और लोक कल्याण के कार्य किए।

श्री रमण ने जोर देकर कहा, आज हमें अपने महापुरुषों के विचारों को समाज में पुनः स्थापित करना होगा। पाखंड और अंधविश्वास की गुलामी से मुक्त समाज बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करना समय की मांग है।

विशिष्ट वक्ता डॉ. गौतम कुमार प्रीतम ने समाज की वर्तमान स्थिति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज का समाज अंधविश्वास और पाखंड में इस कदर उलझ गया है कि वह वास्तविक शिक्षा और सभ्यता से दूर होता जा रहा है। उन्होंने कहा, युवा पीढ़ी नशा की ओर बहुत तेजी से बढ़ रही है, जिससे गांव बर्बाद हो रहे हैं। गांवों में जो पारंपरिक 'गार्जियनशिप' था, वह अब समाप्त हो चुका है। समाज अभिभावक विहीन हो गया है। बड़े-बुजुर्ग गांवों के चौक-चौराहों पर ताश खेलने में व्यस्त हैं और धर्म की आड़ में सब कुछ माफ कर दिया जा रहा है, जो कि चिंताजनक है।संगोष्ठी में मौजूद सभी

वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि समाज को पतन से बचाने के लिए युवाओं को नशामुक्त करना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए ग्रामीण स्तर पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा और लोगों को अंधविश्वास व पाखंडवाद की बेड़ियों से बाहर निकालने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्य रूप से रवीन्द्र सिंह, विनोद सिंह निषाद, अजय रविदास, निर्भय कुमार, अनुपम आशीष, संजय पासवान, गौरव पासवान, गौतम कुमार यादव, कुमार दिलशान, केशव कुमार, संतोष कुमार और सोहराब सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे और सबने अपने विचार साझा किए।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर