मंडल कारा में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, बंदियों के लिए शुरू हुआ स्वरोजगार प्रशिक्षण
किशनगंज, 28 जुलाई (हि.स.)। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने मंगलवार को मंडल कारा, किशनगंज का संयुक्त सुरक्षा अंकेक्षण (सिक्योरिटी ऑडिट) किया। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की और कारा परिसर को अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सुरक्षा ऑडिट के बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मंडल कारा में बंदी दरबार का आयोजन किया गया। दरबार के दौरान बंदियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन डीएम को सौंपे।
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई कर समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही बंदियों को उनकी समस्याओं के जल्द निराकरण का आश्वासन भी दिया।
इस अवसर पर डीएम ने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटीआई) किशनगंज के माध्यम से आयोजित 12 दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी विधिवत शुभारंभ किया। यह प्रशिक्षण 28 जुलाई से 8 अगस्त तक चलेगा।
कार्यक्रम का संचालन आरसेटीआई के निदेशक सुबोध कुमार राय के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने बंदियों एवं कारा कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास एवं स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदियों के पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य यह है कि कारा से रिहा होने के बाद बंदी स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। प्रशिक्षण के दौरान आरसेटीआई के प्रशिक्षक अकमल यजदानी एवं सुभाष कुमार मंडल ने बंदियों को बकरी पालन से संबंधित वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक जानकारी दी।
कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, भवन प्रमंडल एवं विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, काराधीक्षक धर्मेंद्र कुमार, उपाधीक्षक अभिषेक कुमार सिंह, सहायक अधीक्षक प्रदीप कुमार सिंह एवं पूजा कुमारी, कारा चिकित्सक डॉ. अभिषेक रंजन, डॉ. जेबा निशात, कारा बंदी कल्याण पदाधिकारी पवन कुमार साह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह