सुरक्षित बचपन अभियान के छठे दिन बाल विवाह निषेध पर विशेष कार्यक्रम आयोजित
सुपौल, 31 अक्टूबर (हि.स.)। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से संचालित सुरक्षित बचपन अभियान के छठे दिन शनिवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में बाल अधिकार, बाल सुरक्षा एवं बाल विवाह निषेध को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। निर्मली अनुमंडलीय न्यायालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में बाल विवाह निषेध से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष राजेश कुमार बच्चन ने की। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उनके समग्र विकास को प्रभावित करने वाली गंभीर सामाजिक समस्या है। इसे रोकने के लिए केवल कानून का प्रभावी क्रियान्वयन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करनी होगी। बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनचेतना फैलाना समय की जरूरत है।
मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमित गौरव ने कहा कि ASHA SOP, 2025 के माध्यम से बाल विवाह की रोकथाम, जागरूकता और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय को प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय, पंचायत, प्रशासन, पुलिस, अधिवक्ता और स्वयंसेवक बाल विवाह रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। किसी भी संभावित बाल विवाह की जानकारी समय रहते सक्षम अधिकारियों तक पहुंचाना जरूरी है।
कार्यक्रम में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) निर्मली श्याम नाथ साह और मुंसिफ भावेश कुमार ने भी बाल विवाह निषेध कानून के प्रति जागरूकता को सामाजिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, अधिकार और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर दिया। इस दौरान एडीसीपी दिवेश कुमार शर्मा ने आशा एसओपी, 2025 पर पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से बाल विवाह की पहचान, रोकथाम, संबंधित अधिकारियों एवं संस्थाओं की जिम्मेदारी तथा समय पर सूचना और समन्वित कार्रवाई की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस, न्यायिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर तालमेल से बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
निर्मली के डीएसपी एवं एसडीओ ने बाल विवाह रोकने में प्रशासन और पुलिस की सक्रिय भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संभावित बाल विवाह की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें। कार्यक्रम में नर्मली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव सहित अधिवक्ताओं ने भी अपनी सहभागिता निभाई। उन्होंने विधिक जागरूकता को सामाजिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
इस अवसर पर पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी), आम नागरिकों तथा एनजीओ के भगवान पाठक और प्रकाश कुमार भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र