सुरक्षित बचपन अभियान के तीसरे दिन भी विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
सुपौल, 28 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से परिकल्पित सुरक्षित बचपन अभियान के तहत बुधवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में तीसरे दिन भी विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से आयोजित इन कार्यक्रमों में सुपौल के साथ-साथ वीरपुर एवं निर्मली अनुमंडल के विद्यालयों में बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष राजेश कुमार बच्चन के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देने के साथ उनमें आत्मविश्वास विकसित करना है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को अपनी बात खुलकर रखने, सवाल पूछने तथा बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
अभियान के माध्यम से बच्चों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है, जिसमें वे अपनी समस्याओं को बिना किसी डर या संकोच के सामने रख सकें। साथ ही, उन्हें बाल अधिकारों के प्रति जागरूक बनाकर किसी भी असुरक्षित स्थिति में आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के सचिव अमित गौरव ने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ अपनी समस्याएं साझा करने और निर्भीक होकर बोलने के लिए प्रोत्साहित करना इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों में जागरूकता और आत्मविश्वास विकसित होने से उनके संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल की जा सकती है।
अभियान के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित बचपन, अधिकारों और संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र