राघोपुर के स्कूल में जर्जर छत के नीचे पढ़ने को मजबूर बच्चे

 






सुपौल, 13 मई (हि.स.)। जिले के राघोपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय हुसैनाबाद में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर बदहाली सामने आई है। विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 428 छात्र-छात्राएं मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जोखिम भरे माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

स्कूल की कई कक्षाओं की छत जर्जर हो चुकी है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।विद्यालय में सुरक्षा के मद्देनज़र कई बच्चों को बरामदे और खुले स्थानों पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को धूल और गंदगी के बीच मिड-डे मील खाना पड़ रहा है। स्कूल परिसर में बाउंड्री वॉल नहीं होने से बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कुमारी सुलेखा रानी ने बताया कि जर्जर भवन के कारण बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल में केवल एक शौचालय है, जिससे छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी होती है। पेयजल व्यवस्था भी खराब है और पानी की टोटियां टूटी हुई हैं।

प्रधानाध्यापिका ने बताया कि 27 जनवरी 2026 को इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सुपौल को लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने विद्यालय भवन की मरम्मत तथा बुनियादी सुविधाओं को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है। वहीं इस मामले पर सुनील कुमार देव ने कहा कि यदि स्थिति ऐसी है तो वे विद्यालय का दौरा कर मामले की जांच करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र