अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित
नालंदा, 23 अप्रैल (हि.स.)।
जिले के हरनौत प्रखंड में भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती किए जाने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। दिन और रात दोनों समय बार-बार बिजली गुल होने से लोग उमस भरी गर्मी में परेशान हैं।
हालांकि ग्रामीण इलाकों तक हीं बिजली आपूर्ति की अनियमितता कि स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण इलाका के छोटे-बडे़ किराना दुकान के दुकानदारों, मोबाइल दुकान, साइबर कैफे बैंक, सरकारी स्कूल,हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य बिजली आधारित कार्य करने वाले लोगों का कामकाज बाधित हो रहा है।जिससे उनकी आमदनी एवं कस्टमर के फिडबैक पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काट दी जाती है। जिससे लोगों को और अधिक परेशानी होती है।
उन्होंने बिजली विभाग से मांग की है कि आपूर्ति को नियमित किया जाये और कटौती की स्थिति में पूर्व सूचना दी जाये, ताकि लोग कम से कम बिजली कटने के पहले अपने दैनिक कार्य के लिये पानी तक जमा कर सके ।इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर तापमान लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर घंटों बिजली कटौती से राहत मिलना मुश्किल हो गया है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि मोटर और ट्यूबवेल बिजली पर निर्भर हैं।उधर किराना दुकानदार समेत व्यापारियों का कहना है कि बिजली कटौती से उनके कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। दुकानों में इन्वर्टर का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। वहीं विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि दिन में कई बार बिजली गायब हो जाती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे