आरएसएम बचाओ अभियान की शुरुआत का ऐलान, 11 सितंबर को गांधी मैदान में होगी बैठक

 


सुपौल, 06 सितंबर (हि.स.)। आरएसएम पब्लिक स्कूल, सुपौल के प्राचार्य रतीश कुमार पर लगाए गए कथित अनैतिक गतिविधियों और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर जन सुराज की ओर से ‘आरएसएम बचाओ अभियान’ शुरू करने की घोषणा की गई है। रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जन सुराज से जुड़े अनिल कुमार सिंह ने कहा कि आरएसएम पब्लिक स्कूल से वर्षों से शहर के लोगों का विश्वास जुड़ा हुआ है। ऐसे में विद्यालय से जुड़े किसी भी गंभीर आरोप की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों के विश्वास का केंद्र है। आरोपों के कारण विद्यालय की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियों के कारण कुछ बच्चे स्कूल जाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अनिल कुमार सिंह ने बताया कि 11 सितंबर को गांधी मैदान में अभिभावकों, समाजसेवियों, शिक्षा प्रेमियों और बुद्धिजीवियों की बैठक आयोजित की जाएगी।

बैठक में पूरे मामले पर चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद उसी दिन एक शिष्टमंडल जिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा। अनिल कुमार सिंह ने कहा कि ‘आरएसएम बचाओ अभियान’ किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि विद्यालय की प्रतिष्ठा, बच्चों के भविष्य और अभिभावकों के विश्वास को बनाए रखने के लिए शुरू किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आरोप निराधार हैं तो जांच के माध्यम से इसकी भी स्पष्टता होनी चाहिए। उन्होंने अभिभावकों और समाज के जागरूक लोगों से 11 सितंबर को गांधी मैदान पहुंचने की अपील की। उन्होंने बताया कि 7 सितंबर से नगर परिषद क्षेत्र में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान अभिभावकों से समर्थन और सहमति के रूप में हस्ताक्षर कराए जाएंगे। इसके बाद हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों को सौंपा जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य मामले की निष्पक्ष जांच, विद्यालय की गरिमा बनाए रखने और अभिभावकों के विश्वास को कायम रखने की मांग को मजबूती से उठाना है। मई में दिए गए परिवाद पर जांच का आदेश, तीन महीने बाद भी उठे सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनिल कुमार सिंह ने दावा किया कि विद्यालय के प्राचार्य की कथित गतिविधियों को लेकर एक महिला ने मई में जिलाधिकारी को परिवाद दिया था। उनके अनुसार, आवेदन के साथ कथित गतिविधियों से संबंधित एक तस्वीर भी संलग्न की गई थी तथा महिला ने अपने मोबाइल में ऐसी अन्य तस्वीरें होने की बात कही थी। अनिल कुमार सिंह के अनुसार, इस परिवाद के आलोक में 11 मई को जिलाधिकारी ने एसडीएम और शिक्षा विभाग के डीपीओ को संयुक्त रूप से जांच का आदेश दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि आदेश के करीब तीन महीने बाद भी जांच की प्रगति स्पष्ट क्यों नहीं है और संबंधित अधिकारियों द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र