मचहा में संतमत सत्संग का दो दिवसीय सत्संग का समापन, स्वामी प्रमोद बाबा जी महाराज ने दिए प्रेरणादायी प्रवचन
सुपौल, 28 मार्च (हि स.)। पूज्यपाद संतमत के वर्तमान आचार्य ( कुप्पा घाट ) स्वामी हरिनन्दन महाराज की जन्मस्थली और ब्रह्मलीन स्वामी मोती बाबा महाराज की कर्मस्थली प्रखंड के कुशहा पंचायत के उच्च माध्यमिक विद्यालय मोती नगर मचहा मैदान में आयोजित दो दिवसीय संतमत सत्संग का शनिवार को समापन हो गया। इस अवसर पर कुप्पाघाट से पधारे स्वामी प्रमोद बाबा, निर्मल बाबा, शंकर बाबा, रमेश बाबा, परमानन्द बाबा और स्थानीय विद्यांन्द बाबा, अमलेश बाबा ने अपने प्रवचनों में अध्यात्म सद्भाव और राष्ट्र सेवा के महत्व पर जोर दिया। स्वामी प्रमोद बाबा ने कहा कि सत्संग समाज में प्रेम, भाईचारा और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करता है। स्वामी जी ने युवाओं से हवन किया कि वे सत्संग के ज्ञान को अपना कर नशा और अन्य को प्रवृत्तियों से दूर रहे, जिससे एक सशक्त और चरित्रवान समाज का निर्माण हो सके। स्वामी ने कहा किसंतमत का प्रमुख सिद्धांत सत्य की खोज है। यह सत्य हमारे भीतर स्थित है, और इसे साधना, ध्यान और आत्मचिंतन के माध्यम से जाना जा सकता है। संतमत की शिक्षाएँ सभी धर्म एक ही परम सत्य की ओर ले जाते हैं। अहिंसा, सत्य, सरलता और प्रेम ही संतमत की आधारशिला हैं। मंच पर विराजे अन्य सन्तों ने अपने प्रवचन में कहा कि महर्षि मेंहीं जी की परंपरा में कई संत हुए जिन्होंने उसी संतमत (सुरत-शब्द योग) को आगे बढ़ाया। उनके प्रवचनों में एक ही मूल संदेश मिलता है—भीतर साधना, नाम जप और सदाचार। मनुष्य शरीर दुर्लभ है, इसे व्यर्थ मत जाने दो। नाम (राम नाम) ही मुक्ति का मार्ग है। मन को इंद्रियों से हटाकर अंदर लगाओ। गुरु के बताए मार्ग पर चलो। जो कुछ है, वह तेरे अंदर ही है, बाहर मत भटक।
आंख बंद करके भीतर ध्यान करो, प्रकाश (ज्योति) और नाद (ध्वनि) का अनुभव करोदिखावे की पूजा व्यर्थ है,सच्ची भक्ति भीतर हैप्रेम और सच्चाई से ईश्वर मिलता है। इस अवसर पर सत्संग स्थल पर ध्यान अभ्यास, स्तुति प्रार्थना, के साथी विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया था। सत्संग में आसपास के जिलों के बीच बहुत से सत्संगी यहां पधारे थे। सत्संग को सफल बनाने में ग्रामीण जितेंद्र कुमार अरविंद, उमेश प्रसाद सिंह, पूर्व मुखिया पवन साह, पैक्स अध्यक्ष मिथिलेश कुमार, जितेंद्र कुमार डिंपल, मनोज कुमार यादव, जयप्रकाश यादव, सुरेंद्र यादव, तारिणी प्रसाद यादव, जय कुमार यादव, विनोद कुमार आदि लग रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र