सशस्त्र सीमा बल 21वीं वाहिनी का दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजित

 




पश्चिम चम्पारण (बगहा),15सितम्बर (हि.स.)।सशस्त्र सीमा बल 21वीं वाहिनी, बगहा कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में *भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी की रोकथाम के मद्देनजर मानव तस्करी की पहचान, रोकथाम, सामुदायिक जुड़ाव और एस.एस.बी. की भूमिका विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया है।

कार्यशाला का शुभारंभ वाहिनी के कमांडेंट के स्वागत संबोधन से हुआ। कमांडेंट ने अपने संबोधन में जवानों को सीमा पर तस्करी के बदलते तौर-तरीकों के प्रति सजग रहने और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।इस कार्यशाला का संचालन विशेष रूप से जनशक्ति फाउंडेशन, बगहा की संस्थापिका लक्ष्मी खत्री द्वारा किया गया। उनके द्वारा मानव तस्करी से संबंधित पॉइंट प्रेजेंटेशन, वास्तविक कहानियों (Real Stories) पर आधारित अनुभव साझा किए गए तथा जवानों को रोल प्ले गतिविधियों के माध्यम से प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला में बगहा के गणमान्य समाजसेवियों एवं वरिष्ठ नागरिकों ने भी भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से श्रीमती सुषमा सिंह, समाजसेवी, बड़गांव, श्री निपु पाठक, समाजसेवी, बगहा, श्री माधवेंद्र पांडे, वरिष्ठ पत्रकार, बगहा, श्रीमती लक्ष्मी खत्री, संस्थापिका, जनशक्ति फाउंडेशन, बगहा शामिल रहे।

कार्यशाला के दौरान जवानों को भ्रम बनाम वास्तविकता (Myth vs Reality), पूछताछ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां, पीड़ित की पहचान की गोपनीयता बनाए रखने एवं रेस्क्यू के बाद की कानूनी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।कार्यशाला के दूसरे दिन में मानव तस्करी से जुड़ी राज्य की स्थानीय एजेंसियों, जिला प्रशासन, पुलिस के मानव तस्करी निरोधी दस्ता (AHTU), बाल संरक्षण इकाई एवं अन्य सहयोगी एजेंसियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे, ताकि सीमा पर रोकथाम और रेस्क्यू के बाद समन्वय को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार/डाॅ.अरविंद नाथ तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द नाथ तिवारी