शौर्यशक्ति संगम में युवतियों को मिला संस्कारों और आत्मनिर्भरता का संदेश

 




सारण, 29 अक्टूबर (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छपरा के तत्वावधान में शहर के भिखारी ठाकुर प्रेक्षा गृह में एक दिवसीय शौर्यशक्ति संगम युवती सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती और युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जेन-जी पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सेविका समिति दानापुर की कार्यवाहिका संगीता सिंह ने कुटुंब प्रबोधन पर अपने विचार व्यक्त किए।

अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ पूनम सिंह ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक और सोशल मीडिया के प्रभाव में अपनी संस्कृति से दूर हो रही है। ऐसे दौर में युवतियों को पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाना बेहद आवश्यक है।

बिहार महिला आयोग की अध्यक्षा अप्सरा मिश्रा ने पारिवारिक विषयों पर सारगर्भित बातें रखीं। इस अवसर पर भारत विकास परिषद् की अध्यक्षा वर्षा पाण्डेय ने भी अपने संबोधन के साथ उपस्थिति दर्ज कराई।

इसके साथ ही पटना उच्च न्यायालय की अधिवक्ता अर्चना, राजेंद्र महाविद्यालय की मनोविज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापिका व अभाविप छपरा नगर की उपाध्यक्ष डॉ. नीतू सिंह, तथा जय प्रकाश महिला महाविद्यालय की छात्रा व जिला छात्रा प्रमुख सलोनी कुमारी सहित कई विशिष्ट शख्सियतें इस वैचारिक सहभागिता से जुड़ीं।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विश्वविद्यालय संगठन मंत्री सूर्यनंद राय ने बताया कि यह आयोजन युवतियों में आत्मविश्वास विकसित करने और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का एक सशक्त प्रयास है। इस सम्मेलन को लेकर शहर भर के युवाओं और विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार