विधायक रणधीर सिंह ने तटबंध टूटने की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की

 


सारण, 04 अक्टूबर (हि.स.)। पानापुर प्रखंड और आसपास के क्षेत्रों में आई भीषण बाढ़ के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के बाद जेडीयू के मांझी विधायक रणधीर सिंह ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर कहा कि बाढ़ पीड़ितों को त्वरित राहत देने, फसल क्षति का मुआवजा दिलाने और तटबंध टूटने की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

विधायक रणधीर सिंह ने बताया कि प्रभावित गांवों से जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन पानी को पूरी तरह निकलने में 4 से 5 दिन का समय लगेगा। उन्होंने अंदेशा जताया कि पानी घटने के बावजूद अगले 20 से 25 दिनों तक जनजीवन सामान्य होना बेहद मुश्किल रहेगा। आगामी छठ महापर्व का जिक्र करते हुए उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि पर्व से पूर्व सभी प्रभावित परिवारों को विशेष राहत राशि और आवश्यक सामग्री मुहैया कराई जाए।

साथ ही किसानों की नष्ट हुई फसलों के आकलन के लिए जिलाधिकारी से स्वयं मॉनिटरिंग कर मुआवजा देने की अपील की। तटबंध टूटने के मुद्दे पर विधायक ने विभागीय इंजीनियरों और ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गुणवत्ताहीन कार्य और मिलीभगत के कारण बांध टूटा है। सरकार हर साल बाढ़ नियंत्रण के लिए भारी बजट देती है, इसलिए इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

इसमें शामिल किसी भी अधिकारी या संवेदक को बख्शा नहीं जाना चाहिए, क्योंकि यह आम जनता की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है। अपने भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए रणधीर सिंह ने कहा कि पानापुर और आसपास के लोगों से उनका राजनीतिक नहीं, बल्कि पारिवारिक और खून का रिश्ता है। संकट की इस घड़ी में वे और उनका परिवार, जिनमें उनके बड़े भाई सुधीर सिंह भी शामिल हैं, मकेर, तरैया और पानापुर के इलाकों में देर रात तक खाद्यान्न, भोजन और आर्थिक सहायता पहुंचाने में जुटे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार