जनविश्वास को आधार बनाकर सिद्धाश्रम विकास परिषद ने समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का लिया निर्णय

 


बक्सर, 16 अगस्त (हि.स.)। सिद्धाश्रम विकास परिषद की दूसरी बैठक रविवार को बसाव मठिया प्रांगण में राकेश दुबे की अध्यक्षता में हुई। शांति मंत्र के साथ शुरू हुई बैठक में परिषद के गठन के उद्देश्य, आगामी गतिविधियों और संगठन की कार्यदिशा पर विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों ने परिषद को समाज से जोड़ने और जनहित में सार्थक पहल करने पर जोर दिया।

बैठक में कहा गया कि किसी सामाजिक संगठन की पहचान उसके पदाधिकारियों या घोषणाओं से नहीं, बल्कि समाज के बीच किए गए कार्यों से बनती है। इसी सोच के साथ परिषद जनविश्वास को अपनी कार्यशैली का आधार बनाकर समाजोपयोगी एवं स्थायी परिणाम देने वाली योजनाओं पर काम करेगी।

सदस्यों ने आम नागरिकों की भागीदारी को विशेष महत्व देने की बात कही। सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए सरकार और संस्थाओं के साथ जागरूक नागरिकों की सक्रिय सहभागिता को आवश्यक बताया गया।

परिषद की ओर से सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक चेतना, जनसरोकार और समाजोपयोगी गतिविधियों को एक साथ जोड़कर कार्य करने पर विचार किया गया।

बैठक में बक्सर की गौरवशाली परंपरा एवं सांस्कृतिक पहचान को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाने की दिशा में भी मंथन हुआ। परिषद ने आगामी योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने का निर्णय लिया।

इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कथावाचक प्रेमाचार्य पितांबर जी महाराज, संजय ओझा, राघव कुमार पाण्डेय (अधिवक्ता), अग्नि कुमार पाण्डेय, गणेश पाण्डेय, आशुतोष चतुर्वेदी, पंकज उपाध्याय, इंद्रजीत चौबे, संजय शास्त्री सहित अन्य सदस्य एवं प्रबुद्धजन मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Kumar Mishra