भागलपुर के प्रभारी सचिव सहयोग शिविर में हुए शामिल, सहयोग शिविर का किया निरीक्षण
भागलपुर, 02 जून (हि.स.)।
बिहार सरकार के जन-शिकायत निवारण अभियान के तहत भागलपुर के गोराडीह प्रखंड के बिशनपुर जिच्छो पंचायत में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव सह भागलपुर के प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने लोगों की समस्याओं को सुना।
इस मौके पर प्रभारी सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वे शिविर की प्रगति और शिकायतों के निस्तारण की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि सहयोग शिविर का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है तथा अनावश्यक विलंब के प्रति सरकार पूरी तरह गंभीर है।
प्रभारी सचिव ने बताया कि सहयोग पोर्टल एवं हेल्पलाइन 1100 के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने लोगों से डिजिटल माध्यमों का अधिकाधिक उपयोग करने और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग पोर्टल का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से भागलपुर जिला प्रशासन की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व में आयोजित सहयोग शिविर में प्राप्त अधिकांश शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा से काफी पहले, मात्र सात दिनों के भीतर कर दिया गया है।
इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी तथा जिला प्रशासन की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि राज्य सरकार “सबका सम्मान, जीवन आसान” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और विभिन्न प्रमाण-पत्रों, राशन कार्ड, श्रमिक कार्ड तथा अन्य सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन माध्यम से सरल बनाया गया है, जिससे आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
बिशनपुर जिच्छो पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि यह शिविर पूरी तरह आम जनता की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिहार के निर्देशानुसार प्रत्येक पंचायत में सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों की शिकायतों एवं समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में सहयोग शिविर की तिथि पूर्व निर्धारित कर दी गई है तथा शिविर आयोजित होने से 15 दिन पूर्व ही आवेदन प्राप्त करने और उनके निष्पादन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाती है। उन्होंने बताया कि यद्यपि शिकायतों के निष्पादन की प्रक्रिया पहले से चल रही थी, लेकिन सहयोग शिविर की विशेषता यह है कि प्रत्येक आवेदन का विधिवत पंजीकरण किया जाता है तथा आवेदक को रसीद उपलब्ध कराई जाती है।
डॉ. चौधरी ने बताया कि शिविर में कुल 48 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 14 आवेदनों का तत्काल निष्पादन कर दिया गया है तथा शेष 34 आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि अगले 5 से 6 दिनों के भीतर शेष मामलों का भी निष्पादन कर दिया जाएगा। डीएम ने स्पष्ट किया कि सभी प्रकार के मामलों का समाधान प्रशासनिक स्तर पर संभव नहीं होता। न्यायालय से संबंधित मामलों में आवेदकों को उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर यह भी बताया जाएगा कि उन्हें सिविल कोर्ट, उच्च न्यायालय अथवा अन्य सक्षम प्राधिकार के समक्ष जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भूमि विवाद सहित अन्य जटिल मामलों के समाधान के लिए भी प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर