साहित्य अकादमी पुरस्कार से पुरस्कृत डॉ महेंद्र को महाविद्यालय शिक्षक संघ ने किया सम्मानित
सहरसा, 23 मई (हि.स.)। एमएलटी कॉलेज शिक्षक संघ द्वारा प्राचार्य प्रो सुधीर कुमार सिंह की अध्यक्षता और शिक्षक संघ सचिव सह सीनेट सदस्य डॉ संजीव कुमार झा के संचालन में साहित्य अकादमी पुरस्कार से पुरस्कृत मैथिली विभाग के पूर्व प्राध्यापक डॉ महेंद्र झा के लिए सम्मान समारोह का आयोजन महाविद्यालय सभागार में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ शारदे की प्रार्थना और मनोहर लाल टेकरीवाल की मूर्ति पर माल्यार्पण से हुआ। मैथिली साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत धातृ पात सन गाम पुस्तक के रचयिता डॉ महेंद्र झा को प्रधानाचार्य प्रो डॉ सुधीर कुमार सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य प्रो डॉ डी एन साह, डॉ डी एन झा, प्रो डॉ राम नरेश सिंह द्वारा संयुक्त रूप से पाग, चादर, स्मृति चिन्ह एवं पुष्प माला से सम्मानित किया गया।
मैथिली साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित मुख्य अतिथि डॉ महेंद्र झा ने कहा कि मैंने इसी महाविद्यालय में पढ़ाई भी की और इसी महाविद्यालय में शिक्षक भी रहा हूं। उन्होंने कहा कि 1971 से 2004 तक तत्कालीन नाम सहरसा कॉलेज सहरसा में बाद में पी जी सेंटर सहरसा में कार्यरत रहा।
सम्मान समारोह में प्रधानाचार्य प्रो डॉ सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि एम एल टी कॉलेज के गौरवशाली इतिहास को कायम रखना हम सबों की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की पहचान अपने महा विद्यालय और कर्मभूमि से होता है। पूर्व के शिक्षक प्रधानाचार्य सभी मिलकर महाविद्यालय के विकास में अपना योगदान दें। जितना साधन है उसी के सहारे महाविद्यालय को नेक की मान्यता दिलाने का कार्य करेंगे।
पूर्व प्राचार्य, पूर्व विभागाध्यक्ष मैथिली विभाग प्रो डॉ राम नरेश सिंह ने कहा कि यह पुरस्कार एक तरह से राष्ट्रपति द्वारा दिया जाने वाला पुरस्कार है जिसे मैथिली साहित्य अकादमी द्वारा दिया जाता है।
पूर्व प्राचार्य सह पूर्व विभागाध्यक्ष मैथिली विभाग प्रो डॉ डी एन साह ने कहा कि शिक्षक समुदाय में शिक्षक के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहता है। मैथिली भाषा विश्व का सबसे मधुरतम भाषा है।
इतिहास विभाग के शिक्षक रहे डॉ अमोल ने बताया बिहार में एम.एल.टी कॉलेज पहला महाविद्यालय है जिसके दो प्राध्यापकों को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इनके पहले प्रो मायानंद मिश्र भी भारत सरकार से साहित्य अकादमी पुरस्कार से पुरस्कृत हुए थे। पूर्व प्रधानाचार्य डॉ डी एन झा ने कहा कि मैथिली भाषा विश्व की सबसे मधुरतम भाषा है एवं सेवा निवृत्ति उपरांत इतनी बड़ी उपलब्धि और साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित किया जाना महाविद्यालय के लिए बहुत ही गर्व की बात है।
नवनिर्वाचित सीनेट सदस्य डॉ अनिल कुमार और डॉ संजीव कुमार झा को भी शिक्षक संघ द्वारा पाग,चादर, पुष्पगुच्छ से सम्मानित किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार