साहेब मंसूरी हत्याकांड में दो आरोपितों को जिला जज ने सुनाई उम्र कैद की सजा

 




अररिया 15 मई(हि.स.)। अररिया जिला एवं सत्र न्यायाधीश हर्षित सिंह के कोर्ट ने बुधवार को तीन साल पहले फारबिसगंज के रामपुर दक्षिण निवासी साहेब मंसूरी हत्याकांड मामले में दो आरोपितों को उम्र कैद की सजा सुनाई है।

हत्याकांड मामले में रामपुर दक्षिण निवासी 26 वर्षीय मो.सद्दाम और 22 वर्षीय मो.अजमूल को उम्र कैद की सजा सुनाई गयी है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश हर्षित सिंह ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा के अलावा आर्थिक दंड के रूप में 20-20 हजार रुपये आर्थिक जुर्माना भी जमा करने का आदेश दिया।

सरकार की ओर से लोक अभियोजक लक्ष्मीनारायण यादव ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश हर्षित सिंह ने यह सजा फारबिसगंज थाना में दर्ज मामले में सुनाया है।उन्होंने बताया कि दोनों आरोपित योजनाबद्ध तरीके से फारबिसगंज रामपुर दक्षिण के रहने वाले साहेब मंसूरी को बाइक पर बैठाकर सुनसान स्थान पर ले गए थे और फिर योजनाबद्ध तरीके से धारदार हथियार से प्रहार कर चाकू गोदकर निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी थी। हत्या कर साक्ष्य को छुपाने के लिए चकरदाहा कजरा धार रेलवे ढाला के नजदीक शव को झाड़ी में छिपा दिया गया था।जहां से पुलिस ने शव की बरामदगी के साथ साथ चाकू और पुराना बोरा बरामद किया था।मामले में मृतक साहेब मंसूरी के पिता मो. नजीर मंसूरी ने फारबिसगंज थाना में अपने पुत्र के गुमशुदगी को लेकर मामला दर्ज कराया था।मामले में फारबिसगंज थाना में मामला दर्ज की गयी थी।

सजा के बिंदु पर जहां लोक अभियोजक लक्ष्मीनारायण यादव ने दोनों आरोपितों को जघन्य अपराध करने को लेकर फांसी देने की अपील की।वहीं बचाव पक्ष की ओर से आरोपी सद्दाम की ओर से डीएलएसए लीगल एंड डिफेंस काउंसिल के चीफ सह वरीय अधिवक्ता विनय कुमार ठाकुर और आरोपी अजमूल के अधिवक्ता रविंद्र कुमार विश्वास ने दोनों आरोपितों की कम उम्र को देखते हुए कम से कम सजा देने की गुहार लगाई।न्यायालय ने दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद सजा सुनाई।

हिन्दुस्थान समाचार/राहुल/चंदा