दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना कार्यशाला में रोजगार रणनीति पर मंथन

 


सहरसा, 20 फ़रवरी (हि.स.)। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना डीडीयूजीकेवाई अंतर्गत कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विषय पर एक दिवसीय वार्षिक कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को सहरसा स्थित कौशिकी जीविका शिक्षण प्रशिक्षण केंद्र, सुलिंदाबाद में संपन्न हुआ।

कार्यशाला का शुभारंभ जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार, प्रबंधक स्वास्थ्य एवं पोषण- सुनील कुमार, प्रशिक्षण अधिकारी अनुप्रिया पंजीयर एवं बीपीएम सोनबरसा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं के कौशल उन्नयन, रोजगारपरक एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार तथा प्लेसमेंट की संभावनाओं को सुदृढ़ करना था। इस अवसर पर प्रबंधक रोजगार राकेश रंजन ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के विभिन्न प्रावधानों, प्रशिक्षण मॉड्यूल, प्लेसमेंट रणनीतियों एवं लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यह योजना ग्रामीण युवाओं को बाजारोन्मुखी कौशल प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक रोजगार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। कार्यशाला में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, युवाओं की पहचान एवं परामर्श, प्रशिक्षण के दौरान गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा प्रशिक्षण उपरांत रोजगार से जोड़ने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

रोजगार मेला एवं रोजगार शिविर के माध्यम से युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने चर्चा किया गया। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान आरसेटी द्वारा स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण के उपरांत बैंक लोन करवा कर स्वरोजगार को करवाने रणनीति बनाई गई। प्रतिभागियों के रूप में जिले के सभी थीमेटिक मैनेजर, प्रखंड परियोजना प्रबंधक, लेखपाल, क्षेत्रीय समन्वयक एवं सामुदायिक समन्वयक उपस्थित रहे ।

हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार