अररिया का लाल रोहन झा दुनिया के शीर्ष संस्थान यूसी बर्कले से करेंगे स्नातक की पढ़ाई
अररिया 23 अगस्त(हि.स.)। अररिया के फुलवाड़ी के सेवानिवृत शिक्षक लक्ष्मीकान्त झा के पौत्र और बलराम सुमन एवं माता किरण मिश्रा झा के पुत्र रोहन झा संयुक्त राज्य अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले में अपनी स्नातक की पढ़ाई शुरू कर रहे हैं। कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में दाखिला मिलने के बाद रोहन ने बर्कले को चुना,क्योंकि यह उनके पसंदीदा शैक्षणिक क्षेत्र अर्थशास्त्र, गणित, कंप्यूटिंग और अनुसंधान में दुनिया भर में सर्वोच्च संस्थानों में से एक है।
रोहन एक असाधारण अकादमिक रिकॉर्ड के साथ बर्कले पहुंच रहे हैं। टेक्सास के सिंको रेंच हाई स्कूल में उन्होंने करीबन एक हजार छात्रों की कक्षा में चौथा स्थान हासिल किया था। गणित में विशेष रूप से निपुण रोहन ने राष्ट्रीय स्तर की गणित प्रतियोगिताओं में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने उन्हें अमेरिका के शीर्ष दो सौ हाई स्कूल गणित छात्रों में शामिल किया गया।
अपनी शानदार रैंकिंग के अलावा, रोहन ने हाई स्कूल के दौरान ही गंभीर शोध में महारत हासिल कर ली है। उन्होंने अर्थशास्त्र, बालिका शिक्षा और कार्बन उत्सर्जन जैसे वैश्विक मुद्दों पर डेटा-संचालित विश्लेषण किया। उनके शोध को अकादमिक जगत में बड़ी पहचान मिली है। सबसे खास बात यह है कि उनके शोध प्रयासों में करीब 40 अन्य शोधकर्ताओं का सहयोगात्मक योगदान शामिल रहा है, जिसने रोहन को बेहद कम उम्र में ही वैश्विक स्तर के रिसर्च इकोसिस्टम से जोड़ दिया है।
इस अनुभव ने अर्थशास्त्र, गणित, कंप्यूटिंग और शोध के संगम पर काम करने की उनकी इच्छा को और मजबूत किया है और बर्कले इसी अनूठे संयोजन के लिए दुनिया का सबसे बेहतरीन अकादमिक माहौल प्रदान करता है।
रोहन अर्थशास्त्र, गणित, कंप्यूटिंग और शोध के अंतर्संबंधों में रुचि रखते हैं।बर्कले का अंडर ग्रेजुएट इकोनॉमिक्स प्रोग्राम अमेरिका में नंबर एक स्थान पर है और इसका अर्थशास्त्र विभाग छह नोबेल पुरस्कार विजेताओं का घर रहा है। उनके अभूतपूर्व कार्यों ने गेम थ्योरी और इकोनोमेट्रिक्स से लेकर सूचना अर्थशास्त्र और बाजारों व संस्थानों के अध्ययन तक के क्षेत्रों को पूरी तरह बदल दिया।टेक्नोलॉजी के मामले में भी बर्कले अंडर ग्रेजुएट कंप्यूटर साइंस प्रोग्राम अमेरिका में दूसरे स्थान पर है। जबकि डेटा साइंस को नंबर एक रैंकिंग प्राप्त है। यह संयोजन रोहन को उन्नत गणितीय, कंप्यूटेशनल और डेटा-साइंस टूल्स का उपयोग करके आर्थिक सवालों के जवाब तलाशने का शानदार अवसर देगा।
परिवार सहित अररिया और बिहार के लिए रोहन की यह उपलब्धि गौरव का क्षण है,जिससे परिवार में खुशी है। रोहन ऐसे शैक्षणिक समुदाय का हिस्सा बन रहे हैं जिसकी परंपरा बौद्धिक महत्वाकांक्षा, कड़े शोध और दुनिया को बदलने वाले आविष्कारों पर टिकी है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर