बढ़ती गर्मी में मिट्टी के घड़े और सुराही की बढ़ी मांग
भागलपुर, 21 अप्रैल (हि.स.)। जिले में जैसे-जैसे गर्मी का प्रकोप तेज होता जा रहा है, वैसे-वैसे बाजारों में मिट्टी के घड़े और सुराही की मांग अचानक बढ़ गई है। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अब एक बार फिर पारंपरिक और प्राकृतिक तरीकों की ओर रुख कर रहे हैं।
शहर के घंटाघर के आसपास मिट्टी के बर्तनों की दुकानों पर इन दिनों खासा रौनक देखने को मिल रही है। यहां दुकान लगाने वाले दीपक कुमार बताते हैं कि पिछले कुछ दिनों में बिक्री में काफी इजाफा हुआ है।
खासकर शाम के समय ग्राहकों की संख्या अधिक रहती है, जब लोग दिनभर की गर्मी के बाद ठंडा पानी लेने के लिए बाजार पहुंचते हैं। दीपक कुमार के अनुसार, मिट्टी के घड़े का पानी न केवल प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है। इसमें पानी का तापमान संतुलित रहता है और यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन तंत्र के लिए भी बेहतर होता है।
गौरतलब है कि पहले जहां लोग फ्रिज के ठंडे पानी पर अधिक निर्भर हो गए थे, वहीं अब धीरे-धीरे लोग पारंपरिक तरीकों को फिर से अपनाने लगे हैं। कम लागत, प्राकृतिक ठंडक और स्वास्थ्य लाभ के कारण मिट्टी के घड़े और सुराही एक बार फिर लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
स्थानीय कुम्हारों के लिए भी यह समय राहत भरा साबित हो रहा है, क्योंकि बढ़ती मांग के कारण उनके व्यवसाय को नया जीवन मिल रहा है। गर्मी के इस मौसम में मिट्टी के बर्तनों की यह बढ़ती लोकप्रियता पारंपरिक संस्कृति के पुनर्जागरण का भी संकेत दे रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर