एससी-एसटी अत्याचार मामलों की समीक्षा, 23 लाख रुपये की मुआवजा राशि का हुआ भुगतान

 


किशनगंज, 18 जुलाई (हि.स.)। जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय स्थित सभागार में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 एवं नियमावली, 1995 के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की द्वितीय त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए पीड़ितों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।

बैठक में जिला अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि 24 फरवरी 2026 को हुई प्रथम त्रैमासिक बैठक के बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत प्राथमिकी स्तर के 15 मामलों में 31 पीड़ितों एवं आश्रितों के बीच 11.04 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि का भुगतान किया जा चुका है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में चार मामलों के पांच लाभुकों को 3.75 लाख रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 15 मामलों के 17 लाभुकों के लिए 11.02 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जिसका भुगतान आवंटन मिलते ही किया जाएगा।

आरोप पत्र स्तर की समीक्षा में बताया गया कि नौ मामलों में 28 पीड़ितों एवं आश्रितों को 23 लाख रुपये की मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है। वहीं 24 मामलों के 46 पीड़ितों के लिए 38.12 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त है, जिसका भुगतान आवंटन उपलब्ध होने के बाद किया जाएगा।

जिले में हत्या के मामलों से जुड़े 11 आश्रितों को नियमित रूप से पेंशन भी दी जा रही है। बैठक में मैनुअल स्कैवेंजर रोजगार निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम, 2013 के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की द्वितीय त्रैमासिक बैठक भी आयोजित की गई।

डीएम नवीन कुमार ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया कि थाना स्तर पर एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज होते ही उसकी सूची प्रतिदिन जिला अपराध शाखा के माध्यम से जिला अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि निर्धारित समय सीमा में मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

उन्होंने जिला अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण पदाधिकारी को लंबित आरोप पत्रों की सूची पुलिस अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध कराकर समन्वय स्थापित करने तथा द्वितीय किस्त के मुआवजा भुगतान की कार्रवाई में तेजी लाने का भी निर्देश दिया।

बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (आपदा), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विशेष लोक अभियोजक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह