राजस्व कार्यों में खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों को डीएम दी चेतावनी

 




सुपौल, 17 जुलाई (हि.स.)। सुपौल समाहरणालय में जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की समीक्षात्मक बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। बैठक में सभी अंचलाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं संबंधित शाखाओं के पदाधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, लेफ्ट आउट जमाबंदी, ई-मापी, बसेरा योजना, रेवेन्यू सहयोग (आरटीएमएस) सहित विभिन्न कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया।

समीक्षा में सामने आया कि जिले में दाखिल-खारिज के 9,887 मामलों में अब तक केवल 5,425 का ही निष्पादन हो सका है, जबकि 4,462 मामले लंबित हैं। जिले का निष्पादन प्रतिशत 54.87 रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। किशनपुर, त्रिवेणीगंज, सुपौल, पिपरा और बसंतपुर अंचलों का प्रदर्शन सबसे कमजोर पाया गया। डीएम ने 35 दिनों से अधिक लंबित मामलों के लिए विशेष अभियान चलाने तथा 75 और 120 दिनों से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया।

म्यूटेशन डिले रिपोर्ट की समीक्षा में 886 आवेदन समय-सीमा से बाहर लंबित पाए गए। त्रिवेणीगंज, किशनपुर, सुपौल और पिपरा में सबसे अधिक विलंबित आवेदन मिलने पर संबंधित अंचलाधिकारियों को प्रतिदिन समीक्षा कर लंबित मामलों में कमी लाने का निर्देश दिया गया। साथ ही दोषयुक्त आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया।परिमार्जन प्लस योजना के तहत 21,201 मामलों में से 8,159 लंबित पाए गए। सुपौल, छातापुर, त्रिवेणीगंज और पिपरा में लंबित मामलों की संख्या अधिक रहने पर 120 दिनों से अधिक पुराने मामलों का तत्काल निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। वहीं लेफ्ट आउट जमाबंदी के 4,979 मामलों में से 2,725 लंबित रहने पर संबंधित अंचलों में विशेष अभियान चलाने को कहा गया।बैठक में ई-मापी की भी समीक्षा की गई। जिले में 20,466 आवेदनों में से 19,823 स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन त्रिवेणीगंज, निर्मली और किशनपुर का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया।

बसेरा योजना के तहत पात्र लाभुकों को शीघ्र भूमि आवंटन और पर्चा वितरण पूरा करने के निर्देश दिए गए। रेवेन्यू सहयोग (आरटीएमएस) के लंबित आवेदनों, जनता दरबार, आयुक्त कार्यालय, सीपीग्राम्स, मुख्यमंत्री ई-डैशबोर्ड तथा अन्य शिकायतों के त्वरित निष्पादन पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व सेवाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता, उदासीनता या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी अंचलाधिकारियों को प्रतिदिन लंबित मामलों की समीक्षा कर अगली बैठक में ठोस प्रगति के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र