टीएमबीयू की गड़बड़ी: बास्केट से बाहर का विषय चुनने से 3000 छात्रों का रिजल्ट फंसा, दिसंबर में होगी विशेष परीक्षा
भागलपुर, 09 अक्टूबर (हि.स.)। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत एक बड़ी तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के 3,000 से अधिक छात्र-छात्राओं का रिजल्ट अटक गया है। मुख्य वजह यह है कि इन छात्रों ने परीक्षा फॉर्म भरते समय विवि द्वारा निर्धारित तय विषय-बास्केट से बाहर के गलत विषयों का चयन कर लिया था। नियमों के विरुद्ध विषय होने के कारण परीक्षा सॉफ्टवेयर ने इनका परिणाम प्रोसेस करने से रोक दिया, जिससे छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। इस गड़बड़ी से बांका का पीबीएस कॉलेज (672 छात्र), भागलपुर का टीएनबी कॉलेज और मारवाड़ी कॉलेज सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। रिजल्ट पेंडिंग होने की खबर मिलते ही बीते गुरुवार को आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन का घेराव कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद माहौल बिगड़ता देख पुलिस बल को बुलाना पड़ा। छात्रों का साफ़ तौर पर कहना था कि कॉलेजों ने फॉर्म सत्यापन के समय इस गलती को क्यों नहीं पकड़ा। अंततः छात्र प्रतिनिधियों और विवि अधिकारियों के बीच हुई आपात बैठक के बाद रजिस्ट्रार प्रो. रामाशीष पूर्वे ने लिखित आश्वासन जारी कर मामले को शांत कराया। उल्लेखनीय है स्नातक के 3,000 से अधिक छात्र प्रभावित, जिनका सॉफ्टवेयर ने रिजल्ट ब्लॉक किया है। मूल लापरवाही छात्रों द्वारा नियमों को समझे बिना 'आउट ऑफ बास्केट' विषय चुनना और कॉलेजों द्वारा उसे वेरिफाई कर देना। विवि का समाधानप्रभावित छात्रों का साल बर्बाद होने से बचाने के लिए 31 दिसंबर 2026 तक विशेष परीक्षा ली जाएगी। कुलपति के विशेष आदेश पर इस परीक्षा के लिए छात्रों से कोई परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। सुधार प्रक्रिया छात्रों को अब अनिवार्य रूप से अनुमोदित बास्केट के अंदर से ही सही विषय का दोबारा चयन करना होगा। प्रो. विनोद कुमार ओझा, परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि बास्केट से बाहर का विषय चुने जाने के कारण सॉफ्टवेयर ने नियमों के तहत रिजल्ट जारी नहीं किया। चूंकि यह छात्रों के भविष्य का सवाल है, इसलिए कुलपति के निर्देश पर दिसंबर के आखिरी हफ्ते तक विशेष परीक्षा आयोजित कर रिजल्ट क्लियर कर दिया जाएगा, ताकि उनका सत्र पीछे न छूटे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर