कृषि क्षेत्र में हो रहे अनुसंधान एवं नवाचारों का लाभ आमजनों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता : विजय सिन्हा
हैदराबाद/पटना, 11 अगस्त (हि.स.)।
बिहार सरकार में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को बिहार में कृषि क्षेत्र को नई तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार से जोड़ने के लिये हैदराबाद के पटनचेरु स्थित अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (आईसीआरआईएसएटी) का भ्रमण किया।
इस दौरान मंत्री सिन्हा ने कहा कि बिहार में कृषि की नई संभावनाओं को किसानों की समृद्धि से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि आधुनिक अनुसंधान, उन्नत तकनीक और वैज्ञानिक शोध को खेतों तक पहुंचाकर कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के साथ किसानों की आय और आजीविका को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आईसीआरआईएसएटी जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ तकनीकी एवं वैज्ञानिक सहयोग बिहार में कृषि के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा ।
विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार में अन्न (मिलेट्स) का उत्पादन हो रहा है, लेकिन किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य तभी मिल सकेगा, जब मिलेट्स के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध हो, मूल्य संवर्धन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा मिले तथा उत्पाद को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए प्रभावी बाजार व्यवस्था विकसित की जाए।
कृषि मंत्री सिन्हा ने बिहार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मिलेट्स वैल्यू चेन परियोजना के अंतर्गत हुई प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि किसानों के बीच श्री अन्न (मिलेट्स) के लाभों के संबंध में व्यापक जागरूकता आवश्यक है। किसानों को पारंपरिक फसल प्रणालियों की तुलना में मिलेट्स के पोषण एवं कृषि संबंधी लाभों की जानकारी उपलब्ध कराकर इसके उत्पादन एवं उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिहार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मिलेट्स वैल्यू चेन को खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के क्षेत्र में पूर्वी भारत और पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाया जाएगा। इस कार्य के सफल क्रियान्वयन में आईसीआरआईएसएटी का तकनीकी एवं वैज्ञानिक सहयोग महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार सरकार एवं आईसीआरआईएसएटी के बीच सहयोग से मिलेट्स के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय एवं आजीविका को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।
कृषि मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान में क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बिहार के प्रशिक्षु किसानों से भी संवाद किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण के अनुभव एवं प्राप्त तकनीकी जानकारी के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों एवं वैज्ञानिक ज्ञान के हस्तांतरण के महत्व पर बल दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी