तेंदुए की खबर निकली अफवाह, गांव में मिला सिवेट कैट

 


किशनगंज, 02 अक्टूबर (हि.स.)। पंचगांछी गांव में तेंदुए के हमले की सूचना से ग्रामीणों में मची अफरातफरी के बीच वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की। वन प्रमंडल पदाधिकारी चंचल प्रकाश ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और मामले की जानकारी ली। जांच के दौरान तेंदुए के हमले की सूचना सही नहीं पाई गई।

शुक्रवार को वन प्रमंडल पदाधिकारी ने ग्रामीणों से बातचीत के बाद बताया कि गांव में दिखाई दिया जानवर तेंदुआ नहीं, बल्कि सिवेट कैट (Civet Cat) प्रजाति का जानवर है, जिसे स्थानीय भाषा में बम बिलार कहा जाता है। यह बिल्ली जैसी प्रजाति का वन्यजीव है, जिसकी त्वचा पर तेंदुए से मिलते-जुलते निशान होने के कारण ग्रामीणों को भ्रम हुआ।

वन विभाग के अनुसार सिवेट कैट सामान्यत: शर्मीला वन्यजीव होता है और इंसानों से दूरी बनाए रखता है। इसके द्वारा जान-माल को नुकसान पहुंचाने की आशंका नहीं है। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति इसके बेहद करीब जाने या इसे पकड़ने का प्रयास करता है तो यह आत्मरक्षा में पंजे से खरोंच मार सकता है। इसी वजह से ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि यह वन्यजीव कहीं दिखाई दे तो उसके नजदीक जाने या उसका पीछा करने के बजाय उसे सुरक्षित रूप से निकलने का रास्ता दें। खासकर बच्चों को इससे दूर रखने की सलाह दी गई है।

एहतियात के तौर पर वन विभाग की ओर से पंचगांछी गांव में सिवेट कैट को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए पिंजड़ा और जाल लगाया जा रहा है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि बिना पुष्टि के तेंदुए के हमले की अफवाह न फैलाएं और वन्यजीव दिखने पर वन विभाग को सूचना दें।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह