प्रो एच.सी. वर्मा ने शोध संस्थान पुस्तकालय का किया भ्रमण, दुर्लभ पुस्तकों को बताया अमूल्य धरोहर

 

दरभंगा, 23 मार्च (हि.स.)। भारत के प्रख्यात भौतिकशास्त्री एवं विद्वान प्रो एच.सी. वर्मा ने सोमवार को महाराजा कामेश्वर सिंह सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान के पुस्तकालय का भ्रमण किया। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से संबद्ध इस राजकीय पुस्तकालय में उपलब्ध विभिन्न विषयों की पुस्तकों के समृद्ध संग्रह को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और इसे दुर्लभ पुस्तकों का महत्वपूर्ण भंडार बताया।

पुस्तकालय का अवलोकन करते हुए प्रो वर्मा ने कहा कि यहां अनेक विषयों की दुर्लभ और महत्वपूर्ण पुस्तकें सुरक्षित रूप से संरक्षित हैं, जो शोधार्थियों और विद्वानों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने पुस्तकालय के संग्रह को अद्भुत बताते हुए कहा कि इस प्रकार का समृद्ध पुस्तकालय शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

भ्रमण के दौरान उन्होंने एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल के जर्नल, मैक्स मूलर द्वारा अनूदित धार्मिक ग्रंथ, जॉर्ज अब्राहम ग्रियरसन के भाषाई सर्वेक्षण से संबंधित दस्तावेजों के साथ-साथ दुर्लभ पेंटिंग्स, पुस्तकालय की प्रसूची तथा चंदा झा द्वारा रचित मिथिला भाषा की रामायण का अवलोकन किया।

इस अवसर पर उन्होंने पुस्तकालय के रख-रखाव की सराहना करते हुए कहा कि दुर्लभ पुस्तकों की सुरक्षा के लिए इन्हें डिजिटल स्वरूप में संरक्षित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने यहां आने वाले शोधार्थियों के बारे में भी जानकारी ली और इस संग्रह को शोध कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

प्रो वर्मा के आगमन पर पुस्तकालय के निदेशक प्रो दमन कुमार झा ने उनका स्वागत किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कई पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें निदेशक प्रो अजय नाथ झा, भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो नौशाद आलम, डॉ अमृत कुमार झा, डॉ संतोष कुमार झा तथा दी

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra