राहत शिविर अब तक नदारद, बिहार जनसंघर्ष समिति ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया मुआयना
भागलपुर, 04 सितंबर (हि.स.)। बिहार जनसंघर्ष समिति की टीम ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय बाल निकेतन स्कूल, टिल्लाह कोठी, साहेबगंज, लालूचक, श्रीरामपुर, बैरिया, गोसाईदासपुर, मथुरापुर, रशदपुर एवं शंकरपुर सहित विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी मुआयना किया।
टीम में समिति के संयोजक गौतम कुमार, सह-संयोजक निर्मल कुमार, कोषाध्यक्ष सुभाष कुमार प्रसाद, संरक्षक उज्ज्वल घोष एवं डॉ. जयंत जलद शामिल थे।मुआयने के बाद समिति ने कहा कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन बाढ़ की गंभीर स्थिति के बावजूद सरकारी राहत व्यवस्था जमीन पर पर्याप्त दिखाई नहीं दे रही है। कई स्थानों पर बाढ़ पीड़ित परिवार कठिन परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत शिविर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय, साफ-सफाई तथा मच्छरों से बचाव के लिए नियमित छिड़काव की व्यवस्था की जानी चाहिए।
समिति के संयोजक गौतम कुमार ने कहा कि “बाढ़ पीड़ितों को राहत राशि बाढ़ खत्म होने के बाद नहीं, बल्कि संकट के समय तत्काल मिलनी चाहिए। सरकारी सहायता का उद्देश्य कागजी प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि मुसीबत में फंसे लोगों तक समय पर मदद पहुंचाना है।” उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण कई विद्यालय बंद हैं और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में अस्थायी विद्यालय अथवा वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था तत्काल शुरू की जाए।सह-संयोजक निर्मल कुमार ने कहा कि दियारा क्षेत्र के जलमग्न गांवों में लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। वहां पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और सरकारी नावों की पर्याप्त व्यवस्था करने की जरूरत है।
डॉ. जयंत जलद ने कहा कि बाढ़ के बाद जलजनित एवं मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप, आवश्यक दवाइयां, स्वच्छ पेयजल और मच्छररोधी छिड़काव तत्काल सुनिश्चित किया जाए। बिहार जनसंघर्ष समिति ने सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत शिविर शुरू किए जाएं तथा भोजन, पेयजल और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने, राहत राशि तत्काल उनके खातों में उपलब्ध कराने, बिजली, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने आदि मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर