यूरिया का खर्च घटाने के लिए तैयार हो रहा 'अजोला', किसानों को मिलेगा निःशुल्क
कटिहार, 04 सितंबर (हि.स.)। धान की फसल में रासायनिक यूरिया पर निर्भरता और खेती की लागत घटाने के उद्देश्य से संयुक्त कृषि भवन परिसर में अज़ोला (ग्रीन गोल्ड) कल्चर तैयार किया जा रहा है। जिला कृषि पदाधिकारी के मार्गदर्शन में तैयार हो रहे इस जैविक कल्चर का वितरण किसानों के बीच पूरी तरह निःशुल्क किया जाएगा।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि अज़ोला धान की खेती में एक अत्यंत प्रभावी प्राकृतिक नाइट्रोजन स्रोत के रूप में काम करता है। इसके नियमित उपयोग से खेतों में रासायनिक यूरिया की खपत काफी कम हो जाती है, जिससे किसानों पर उर्वरक का आर्थिक बोझ घटेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अज़ोला मिट्टी की संरचना और भौतिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार करता है, जिससे जमीन में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता और संख्या में तेजी से वृद्धि होती है।
विभाग का मुख्य जोर किसानों को कम लागत, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने पर है। रासायनिक खादों के संतुलित और विवेकपूर्ण उपयोग से एक ओर जहां खेतों की उर्वरा शक्ति सुरक्षित रहेगी, वहीं उत्पादन लागत घटने से किसानों की शुद्ध आय में बढ़ोतरी होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह