राष्ट्रीय लोक अदालत में 85 एमएसीटी मामलों के निष्पादन का लक्ष्य
सुपौल, 27 अगस्त (हि.स.)। आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से गुरुवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश कुमार की अध्यक्षता में उनके वेश्म में हुई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव मो. अफजल आलम ने बैठक का संचालन किया। बैठक में मुख्य रूप से मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से संबंधित मामलों के निष्पादन एवं अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान से संबंधित कुल 85 मामलों को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में निष्पादन के लिए चिह्नित किया गया।
बैठक में चिह्नित मामलों के शीघ्र एवं प्रभावी निष्पादन के साथ-साथ पक्षकारों के बीच सुलह और आपसी सहमति के माध्यम से विवादों के समाधान की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए अधिवक्ताओं और संबंधित पक्षकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नागेंद्र नारायण ठाकुर एवं सचिव सुधीर कुमार झा उपस्थित रहे। वहीं एमएसीटी मामलों से संबंधित अधिवक्ता शिलभद्र कुमार सिंह, पियूष परिजात, राजेश कुमार सिंह एवं शक्ति कुमारी सारिका ने भी बैठक में भाग लिया। बैठक में लंबित मामलों को चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा पक्षकारों को आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से मामलों के त्वरित समाधान के लिए प्रेरित करने पर चर्चा हुई।
अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन के लिए समन्वित प्रयास करने पर सहमति जताई।
प्रभारी सचिव मो. अफजल आलम ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों को त्वरित, सरल एवं नि:शुल्क न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। इसमें पक्षकारों की सहमति से मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया जाता है, जिससे लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है।
बैठक में उपस्थित सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने तथा अधिकाधिक एमएसीटी मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए मिलकर कार्य करने का आश्वासन दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र