विशेष एवं राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी तेज, प्रधान जिला जज ने वीरपुर में की समीक्षा बैठक

 


सुपौल, 06 नवंबर (हि.स.)। आगामी 21 नवंबर को एनआई एक्ट (परक्राम्य लिखत अधिनियम) से संबंधित विशेष लोक अदालत तथा 12 दिसंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल राजेश कुमार बच्चन ने वीरपुर का दौरा किया।

इस दौरान उन्होंने न्यायिक पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर लोक अदालतों की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकाधिक मामलों के निष्पादन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने न्यायिक पदाधिकारियों को अपने-अपने न्यायालयों में लंबित उपयुक्त एवं सुलहनीय मामलों को चिह्नित करने तथा संबंधित पक्षकारों को नोटिस निर्गत करने की प्रक्रिया समय पर पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने नोटिसों का प्रभावी एवं समयबद्ध तामिला सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

इसके लिए पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) का सहयोग लेने की बात कही, ताकि पक्षकारों तक समय पर सूचना पहुंचे और वे लोक अदालत में उपस्थित होकर आपसी सहमति से विवादों का निपटारा करा सकें। उन्होंने लोक अदालतों के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं आम लोगों के बीच विधिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमित गौरव, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश वीरपुर विनय शंकर, सिविल जज (कनीय कोटि)-सह-न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी विकास कुमार तथा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी रमीजुर रहमान उपस्थित थे। इसके बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने वीरपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव के साथ बैठक की।

उन्होंने अधिवक्ताओं से विशेष लोक अदालत एवं राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि न्यायिक पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं के सामूहिक प्रयास से अधिकाधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित निष्पादन संभव है। उन्होंने सुलहनीय मामलों की पहचान कर पक्षकारों को आपसी समझौते के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमित गौरव ने भी वीरपुर में कार्यरत पैरा लीगल वॉलंटियर्स के साथ बैठक की। इसमें उन्हें लोक अदालतों के महत्व एवं उद्देश्यों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने, चिह्नित मामलों के पक्षकारों तक नोटिस एवं सूचना पहुंचाने तथा उन्हें लोक अदालत में भाग लेने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया।

सचिव ने कहा कि पीएलवी न्यायालय एवं आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। लोक अदालतों की सफलता में उनकी भूमिका काफी अहम है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार बच्चन ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमित गौरव के साथ वीरपुर उपकारा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला वार्ड सहित सभी वार्डों, जेल अस्पताल एवं रसोईघर का जायजा लिया। उन्होंने बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता, चिकित्सा व्यवस्था एवं महिला बंदियों की विशेष जरूरतों की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं एवं आवश्यकताएं सुनीं। साथ ही जेल प्रशासन को स्वच्छता, स्वास्थ्य, भोजन एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। महिला बंदियों की सुरक्षा, सम्मान एवं विशेष सुविधाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने बंदियों को उनके विधिक अधिकारों की जानकारी देने तथा पात्र बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश का यह दौरा लोक अदालतों की तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विधिक जागरूकता बढ़ाने और उपकारा में बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लेने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र