राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर न्यायिक पदाधिकारियों के साथ बैठक

 


सुपौल, 10 अगस्त (हि.स.)। आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत, 12 सितंबर 2026 के सफल आयोजन को लेकर सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सुपौल के तत्वावधान में सभी न्यायिक पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मोहम्मद अफजल आलम ने की।

बैठक में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रामचंद्र प्रसाद सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी एवं न्यायिक दंडाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन को लेकर आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में न्यायालयों में लंबित सुलहनीय एवं समझौते योग्य मामलों की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में सूचीबद्ध करने, संबंधित पक्षकारों को नोटिस निर्गत करने तथा आपसी सहमति के आधार पर मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निष्पादन के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया गया।

सभी न्यायिक दंडाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अधिक से अधिक चिन्हित मामलों में जल्द से जल्द नोटिस निर्गत कर पक्षकारों को इसकी जानकारी उपलब्ध कराएं। कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक लगभग 1800 से अधिक चिन्हित मामलों में नोटिस निर्गत किया जा चुका है। आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में इन मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह के आधार पर निःशुल्क निष्पादन कराने का लक्ष्य रखा गया है। सचिव मोहम्मद अफजल आलम ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों से समन्वित एवं प्रभावी प्रयास करते हुए राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में सक्रिय योगदान देने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को शीघ्र, सरल एवं कम खर्च में न्याय प्राप्त होता है। साथ ही आपसी सहमति के आधार पर विवादों का सौहार्दपूर्ण एवं स्थायी समाधान भी संभव है। बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार, संबंधित पक्षकारों को समय पर नोटिस उपलब्ध कराने तथा अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने कहा कि 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र