गंगा के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

 


बक्सर, 04 सितंबर (हि.स.)।

जिले में बढ़ते गंगा जलस्तर और बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को समाहरणालय के सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में बाढ़-आपदा की समीक्षा बैठक हुई। इसमें सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने और प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत-बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तत्काल प्रभाव से संबंधित अधिकारियों और कर्मियों का अवकाश रद्द कर दिया गया है।

जिला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखने तथा राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया। वहीं, सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को शाम चार बजे के बाद नाव परिचालन पर रोक लगाने को कहा गया है। जरूरत के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया।

सड़क संपर्क बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग को बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कर आवागमन बहाल करने को कहा गया। वहीं, प्रभावित इलाकों में माइकिंग के जरिए लोगों को बाढ़ के दौरान ‘क्या करें और क्या न करें’ की जानकारी देने का निर्देश दिया गया है।

स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सिविल सर्जन को पर्याप्त हैलोजन टैबलेट, आवश्यक दवाएं और एंटी-वेनम उपलब्ध रखने तथा जरूरत पड़ने पर बोट एंबुलेंस संचालित करने का निर्देश दिया गया। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल को फ्लड फाइटिंग की सभी तैयारियां पूरी रखने और आवश्यक सामग्री संवेदनशील स्थलों पर उपलब्ध कराने को कहा गया।

कृषि विभाग को प्रभावित फसलों के क्षति आकलन, जबकि पशुपालन विभाग को जरूरत के अनुसार पशु चारा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। शिक्षा विभाग को प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों की टैगिंग करने को कहा गया। पीएचईडी को चलंत शौचालय और पेयजल की व्यवस्था, जबकि बिजली विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश मिला।

बक्सर और डुमरांव अनुमंडल में तत्काल नियंत्रण कक्ष स्थापित करने तथा पुलिस अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में नियमित गश्ती करने को कहा गया। साथ ही जलजमाव वाले क्षेत्रों में साफ-सफाई और एंटी-लार्वा का छिड़काव कराने का निर्देश दिया गया। जिला प्रशासन ने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को पूरी तत्परता, संवेदनशीलता और समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Kumar Mishra