राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर को दी गई श्रद्धांजलि,हुआ काव्य पाठ

 


अररिया 23 सितम्बर(हि.स.)। राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर बुधवार को प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जहां उनकी तस्वीर पर स्कूल के शिक्षक समेत बच्चों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।मौके पर राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की रचित कविताओं का पाठ भी शिक्षक समेत स्कूल के बच्चों के द्वारा किया गया।

मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानाध्यापक कुमार राजीव रंजन ने कहा कि गुलाम भारत में अपनी कविता के माध्यम से राष्ट्र प्रेम का स्वर जगाने वाला कवि रामधारी सिंह दिनकर न केवल महान देशभक्त और सांस्कृतिक एकता के पैरोकार थे।बल्कि अपनी लेखनी के जरिए जनमानस में गहरी पैठ बनाने वाला एक प्रकार के हस्ताक्षर थे। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का व्यक्तित्व ओजस्वी, देशभक्ति, विद्रोही तेवर और सांस्कृतिक समन्वय का अनूठा संगम था।

रामधारी सिंह दिनकर एक ऐसे अग्रगण्य कवि थे जिन्होंने युद्ध काव्य रचे और श्रृंगार से ओतप्रोत उर्वशी की रचना की।वे हिन्दी साहित्य के एक प्रमुख लेखक, कवि व निबन्धकार थे। वे आधुनिक युग के श्रेष्ठ वीर रस के कवि के रूप में स्थापित हैं। दिनकर जी देश की आजादी से पहले विद्रोही कवि के रूप में जाने जाते थे,जबकि आजादी के बाद वो राष्ट्र कवि के नाम से जाने गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 को बिहार के बेगूसराय जिले के सिमरिया गांव में एक साधारण कृषक परिवार में हुआ था। आधुनिक हिंदी साहित्य में वीर रस के सबसे श्रेष्ठ कवियों में शुमार रामधारी सिंह पिता का नाम रवि सिंह और माता का नाम मनरूप देवी था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सिमरिया गांव में ही हुई। इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से इतिहास, राजनीति विज्ञान और दर्शनशास्त्र में बीए की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके साथ ही उन्होंने हिंदी के अलावा संस्कृत, बांग्ला, अंग्रेजी और उर्दू का भी गहन अध्ययन किया था।

स्नातक के बाद उन्होंने कुछ समय तक एक विद्यालय में अध्यापक के रूप में कार्य किया और बाद में बिहार सरकार के अधीन सब-रजिस्ट्रार व प्रचार विभाग में सेवाएं दीं। उनका राजनीति से भी गहरा ताल्लुकात रहा है। इस अवसर पर उनके तैलिय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर