राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने निकाला रोड मार्च

 


सुपौल, 01 नवंबर (हि.स.)। राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर रविवार को बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा की जिला इकाई सुपौल के बैनर तले डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने रोड मार्च निकाला।

जिला अध्यक्ष गुंजन कुमार एवं सचिव अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में निकाला गया यह मार्च गांधी मैदान से शुरू होकर लोहिया नगर होते हुए निर्धारित मार्ग से गुजरा। इसमें जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर तथा आईटी ब्वॉयज एवं गर्ल्स शामिल हुए।

रोड मार्च के बाद संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री एवं सूचना प्रावैधिकी मंत्री, बिहार सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर सभी बेल्ट्रॉन कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की।

इस दौरान जिला अध्यक्ष गुंजन कुमार ने कहा कि बेल्ट्रॉन के माध्यम से पिछले करीब 25 वर्षों से राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों एवं कार्यालयों में लगभग 20 हजार डाटा एंट्री ऑपरेटर और अन्य कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये कर्मी विभागीय टंकण, लिपिकीय और आईटी से जुड़े ऑनलाइन कार्यों का नियमित रूप से निष्पादन कर रहे हैं। टंकण शाखा के कई पद समाप्तप्राय होने के बाद उन कार्यों की जिम्मेदारी भी वर्तमान में इन्हीं कर्मियों के कंधों पर है।

ज्ञापन में कहा गया कि इन कर्मियों की दक्षता परीक्षा ली जा चुकी है। साथ ही बिपार्ड के माध्यम से आवासीय संस्थागत प्रशिक्षण भी दिया गया है और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध कराया गया है। इसके बावजूद वर्षों से स्थायी प्रकृति के कार्यों का निष्पादन करने वाले कर्मियों को अब तक राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिला है।

संयुक्त मोर्चा ने तर्क दिया कि वर्तमान में कर्मियों के मासिक पारिश्रमिक के अलावा सेवा शुल्क और जीएसटी मद में भी राशि का भुगतान किया जाता है। ऐसे में कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने से सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ने का दावा किया गया है।

मोर्चा ने सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न आदेशों का हवाला देते हुए लंबे समय से बाह्य सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत कर्मियों के सेवा समायोजन की मांग भी उठाई।

मोर्चा की प्रमुख मांग है कि बेल्ट्रॉन के माध्यम से नियुक्त एवं कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर तथा अन्य कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए। इसके लिए सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार को नोडल विभाग घोषित करने की भी मांग की गई है।

प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। साथ ही चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आगामी दिनों में महाधरना, काला बिल्ला लगाकर विरोध और हड़ताल सहित चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

मोर्चा ने कहा कि आंदोलन की स्थिति में सरकारी कार्य प्रभावित होने की जिम्मेदारी सरकार की होगी।

मौके पर जिलाध्यक्ष गुंजन कुमार, सचिव अमित कुमार सिंह, मीडिया प्रभारी चंदन कुमार सिंह, माधव कुमार, ओबेश आलम, घनश्याम कुमार, सोनू कुमार, शुभम कुमार, शशि कुमार, अमरेंद्र कुमार, ललित कुमार, दीपक कुमार, अनुज कुमार, शेखर कुमार, देव शंकर, अमन आकाश, राजू कुमार, श्वेता कुमारी, रंजन कुमारी, निक्की कुमारी, अनिल कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र