फेरी सेवा के बेड़े में शामिल हुआ 'राजेंद्र प्रसाद' जहाज, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
भागलपुर, 02 नवंबर (हि.स.)।
भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर चल रहे पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्य के कारण पिछले एक महीने से सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित है।
उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले इस प्रमुख मार्ग के बंद होने से यात्रियों पर भारी ट्रैफिक दबाव बना हुआ है। इस बीच, गंगा पार करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों के लिए प्रशासन की तरफ से एक बेहद राहत भरी खबर आई है।
जलमार्ग से संचालित वैकल्पिक फेरी सेवा के बेड़े में अब बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के विशालकाय जहाज 'एमवी राजेंद्र प्रसाद' को औपचारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। यह जहाज बियाडा घाट पर जेटी नंबर-1 के पूर्वी छोर के पास पिछले करीब 15 दिनों से गंगा के जलस्तर में अचानक आई भारी गिरावट और अत्यधिक गाद जमा होने के कारण फंसा हुआ था।
अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा 10 फीट तक की गई ड्रेजिंग और गुवाहाटी से विशेष रूप से मंगाए गए बेलनाकार हाई-प्रेशर 'शिप लॉन्चिंग एयरबैग' तकनीक के जरिए इसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। तीन दिनों के सफल ट्रायल और तकनीकी कमियों को दुरुस्त करने के बाद अब इसे नियमित यात्री सेवा में पूरी तरह तैनात कर दिया गया है।
दंडाधिकारी शमीम आलम ने जानकारी देते हुए बताया कि जहाज 'राजेंद्र प्रसाद' के जुड़ने से अब बेड़े की कुल क्षमता काफी बढ़ गई है। इस जहाज की सबसे बड़ी खासियत इसकी आंतरिक बनावट है। यह बाहर से देखने में कॉम्पैक्ट लगता है, लेकिन अंदर से बेहद विशाल और सुविधाजनक है। गंगा नदी के तेज बहाव और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए इस जहाज को ट्रिपल लेयर वाली मजबूत सुरक्षा संरचना से तैयार किया गया है।
'एमवी राजेंद्र प्रसाद' इस मार्ग पर चलने वाला पांचवां बड़ा जहाज बन गया है। इससे पहले बियाडा घाट से चार विशालकाय जहाजों (एमवी राबिया 2, एमवी टाइडल वेव्स 5, एमवी टाइडल वेव्स 2 और एमवी स्वामी परमहंस) का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा था। नया जहाज शामिल होने से अब फेरी के फेरों में तेजी आएगी, जिससे घाटों पर यात्रियों को अपनी बारी के लिए घंटों लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। भागलपुर जिला प्रशासन के अनुसार, आम पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए यह क्रूज/जहाज सेवा पूरी तरह निशुल्क है, जबकि दोपहिया वाहनों और कार्गो के लिए सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम दरें लागू की गई हैं।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बियाडा घाट पर एक संयुक्त प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष, अस्थाई थाना, मेडिकल कैंप और चौबीसों घंटे एसडीआरएफ और आपदा मित्रों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और केवल आपातकालीन या आवश्यक परिस्थितियों में ही यात्रा कर सहयोग प्रदान करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर