बारिश से चमकी धान की फसल, अन्नदाताओं के खिले चेहरे
भागलपुर, 25 अगस्त (हि.स.)।
जिले में पिछले कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी और सूखे जैसे हालात के बाद, बीते दिन हुई झमाझम बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है।
इस बारिश से जहां आम लोगों को गर्मी से निजात मिली है, वहीं मुरझा रही धान की फसल को नया जीवनदान मिल गया है। बारिश की बूंदें गिरते ही जिले के अन्नदाताओं के चेहरे खिल उठे हैं और वे पूरी ऊर्जा के साथ खेतों की ओर रुख कर चुके हैं।
बीते दिन हुई अच्छी बारिश के कारण धान के खेतों में पानी जमा हो गया है, जिससे मिट्टी की नमी लौट आई है। इस अनुकूल मौसम को देखते हुए किसानों ने खेतों में खाद डालने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।
प्रखंडों से मिल रही रिपोर्ट के अनुसार, सुबह से ही किसान अपने कंधों पर खाद के बोरे लिए खेतों में नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के बाद यह बारिश संजीवनी की तरह है। पानी की उपलब्धता के कारण अब पौधों में कल्ले तेजी से निकलेंगे, जिससे पैदावार अच्छी होने की उम्मीद है। जिले में धान की फसल की स्थितिचालू खरीफ सीजन में बारिश की शुरुआती सुस्ती के कारण जिले में धान की रोपाई पर विपरीत असर पड़ा था। कई इलाकों में धान के खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं।
हालांकि, हालिया बारिश ने इन दरारों को पाट दिया है। वर्तमान में जिले में अगेती धान की फसल गभ्भा आने की स्थिति में है, जबकि देर से रोपे गए धान के पौधों को इस पानी से सबसे ज्यादा फायदा पहुंचा है। कृषि विभाग के अनुसार, इस बारिश से जिले में धान के उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
भागलपुर जिले में चालू खरीफ सीजन के तहत कृषि विभाग ने कुल 56 हजार हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य तय किया है। हालिया मानसूनी बारिश के बाद जिले में धान की रोपाई की रफ्तार काफी तेज हुई है और जिला कृषि कार्यालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अब तक जिले में कुल लक्ष्य का 92 फीसदी (92%) बुआई का कार्य पूरा किया जा चुका है। जिला कृषि कार्यालय के अनुसार, भागलपुर के सभी 16 प्रखंडों में अब तक कुल 92% धान की रोपनी पूरी हो चुकी है। सबौर, सनहौला और जगदीशपुर जैसे प्रखंडों में रोपनी 93-94% के पार पहुंच गई है, जबकि नवगछिया और टाल क्षेत्रों में भी बारिश के बाद किसान तेजी से शत-प्रतिशत लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने इस बारिश को धान के लिए बेहद फायदेमंद बताया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि खेतों में पर्याप्त पानी होने पर ही नाइट्रोजन का छिड़काव करें, ताकि पौधे इसे अच्छी तरह सोख सकें। नमी और उमस बढ़ने से फसलों में 'ब्राउन प्लांट हॉपर' या अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है, इसलिए खेतों की नियमित निगरानी करें।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पटना केंद्र के अनुसार, राज्य में मानसून का सिस्टम एक बार फिर सक्रिय हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि आगामी 26 अगस्त तक जिले सहित उत्तर और दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर