नन्हे मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर किया मोहित

 


अररिया 03 सितम्बर(हि.स.)।

फारबिसगंज श्री रानी सरस्वती विद्या मंदिर में गुरुवार को शिशु वाटिका खंड की ओर से श्री कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर रूप सज्जा समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिशु वाटिका के नन्हे-नन्हे भैया-बहनों ने राधा-कृष्ण का मनमोहक रूप धारण कर सभी का मन मोह लिया।

विद्यालय के वाटिका परिसर को आकर्षक ढंग से सजाकर गोकुल धाम का स्वरूप दिया गया था। राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों की अनेक जोड़ियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।

कार्यक्रम में नन्हे कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित झांकी प्रस्तुत की। इसके साथ ही भाव नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनकी लीलाओं को जीवंत किया। बच्चों की प्रस्तुतियों से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।

इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष सच्चिदानंद मेहता ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से कर्म, योग, सत्य, विनय और परोपकार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने ग्वाल-बालों को संगठित कर समरस एवं सुसंगठित समाज का निर्माण किया। पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा भी उनके जीवन से मिलती है। कालिया नाग के प्रभाव से यमुना को मुक्त कराना तथा गोवर्धन पूजा के माध्यम से प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देना इसका उदाहरण है।

आचार्या जयंती कुमारी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनकी विभिन्न बाल लीलाओं का वर्णन किया। धन्यवाद ज्ञापन आचार्य संतोष कुमार राय ने किया।

मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य आशुतोष कुमार मिश्र, शिशु मंदिर खंड के प्रधानाचार्य रामनरेश सिंह, शिशु वाटिका प्रमुख नमीता वर्मा सहित विद्यालय के आचार्य-आचार्या एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर