पूर्णिया विश्वविद्यालय की सिंडिकेट बैठक संपन्न, सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित

 


पूर्णिया, 17 जनवरी (हि.स.)।

पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया के प्रशासनिक भवन स्थित सीनेट हॉल में शनिवार को विश्वविद्यालय की एक महत्वपूर्ण सिंडिकेट बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो विवेकानंद सिंह ने की। इस अवसर पर सिंडिकेट के सभी सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

बैठक में विश्वविद्यालय से जुड़े शैक्षणिक, प्रशासनिक, परीक्षा, वित्तीय एवं विकासात्मक विषयों पर क्रमवार और विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के उपरांत बैठक में प्रस्तुत सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों के अनुसार, विश्वविद्यालय की पूर्व में आयोजित सिंडिकेट बैठक की कार्यवाही को विधिवत अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही अकादमिक काउंसिल द्वारा की गई सभी संस्तुतियों को भी सिंडिकेट की स्वीकृति मिली।

सिंडिकेट ने विश्वविद्यालय के वार्षिक बजट वर्ष 2026-27 पर विस्तृत चर्चा के बाद उसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया। शैक्षणिक कार्यों के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए 168 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं विश्वविद्यालय के 28 गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को उनके पद के विरुद्ध समायोजित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में विश्वविद्यालय में नए यूएमआईएस के चयन के प्रस्ताव पर विचार करते हुए सरस्वती संस्था को अनुमोदन दिया गया। इसके अतिरिक्त, पूर्णिया विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को 233 सहायक अध्यापकों एवं 61 एलडीसी कर्मचारियों की नियुक्ति हेतु प्रतिवेदन भेजने पर भी सिंडिकेट ने अपनी सहमति व्यक्त की।

सिंडिकेट ने तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक पद पर चयनित प्रो. विनोद कुमार ओझा के रिलीविंग से संबंधित प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रशासनिक पदों पर प्रतिनियुक्ति तथा स्नातकोत्तर विभागों में विभागाध्यक्ष पद पर की गई प्रतिनियुक्तियों पर भी बैठक में सहमति जताई गई। बैठक के समापन पर कुलपति प्रो विवेकानंद सिंह ने कहा कि लिए गए निर्णयों से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता और विकास कार्यों को और गति मिलेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / नंदकिशोर सिंह