पुरानी बैंक चौक पर प्रतिदिन जाम के झाम से लोग परेशान

 


सुपौल, 28 मार्च (हि.स.)। जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत जदिया मुख्य मार्ग में स्थित पुरानी बैंक चौक पर अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था के कारण हर दिन जाम की समस्या बनी रहती है। टेंपो, ई-रिक्शा, टैक्सी, बस को बेतरतीब खड़ा करने से दिनभर में कई बार वाहनों की कतार लग जाती है। खास बात यह है कि यह शहर का व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्ग होने के बावजूद यहां ट्रैफिक नियंत्रण की समुचित व्यवस्था नहीं दिखती।

शनिवार की दोपहर जब यह संवाददाता इस मार्ग से गुजरा, तब पुरानी बैंक चौक पर टेंपो और ई-रिक्शा की लंबी लाइन लगी थी। कई वाहन सड़क किनारे तो कई बीच सड़क पर ही सवारी के इंतजार में खड़े थे। इनके पीछे-आगे अन्य वाहन फंस गए और कुछ देर के लिए आवागमन लगभग ठप हो गया। बाइक सवार, पैदल राहगीर और चारपहिया वाहन चालकों को निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ देर बाद जाम तो खुल गया, लेकिन थोड़ी ही देर में फिर वही स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि चौक पर चालकों की मनमानी के कारण स्थिति बिगड़ रही है। टेंपो और ई रिक्शा चालक यात्रियों के इंतजार में लंबे समय तक सड़क पर ही वाहन खड़ा रखते हैं।

एक-एक सवारी के लिए कई मिनट तक वाहन रोके रखने से धीरे-धीरे भीड़ बढ़ती जाती है और जाम लग जाता है। यहां से गुजर रहे गोनहा गांव के बबलू सिंह, अशोक, मानगंज कृपानाथ यादव, भूलन मंडल और भुवन राम ने बताया कि चौक पर टेंपो और ई-रिक्शा आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन इन्हीं वाहनों की वजह से सबसे अधिक परेशानी भी होती है।

पुरानी बैंक चौक केवल एक सामान्य चौराहा नहीं, बल्कि शहर के कई महत्वपूर्ण संस्थानों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। इसी मार्ग से अनुपलाल महाविद्यालय, जेनरल हाई स्कूल, मेला ग्राउंड, चिलौनी सड़क मोड़, पुरानी कचहरी कार्यालय तक अधिकारी, छात्र, कर्मी व अन्य लोग आते-जाते हैं।

अलग-अलग रूट निर्धारित हो तो कम हो सकती है समस्याइसी मार्ग से जदिया, पूर्णिया, अररिया, सिलीगुड़ी, छातापुर, लहरनियां प्रतापगंज और अन्यत्र जाने वाली बसें खुलती हैं। ऐसे में एक तरफ टेंपो और ई-रिक्शा, दूसरी तरफ बस खड़ी हो जाने से चौक पूरी तरह जाम की चपेट में आ जाता है। कई बार यात्री भी सड़क किनारे खड़ी होकर वाहन का इंतजार करते हैं, जिससे आवागमन बाधित होता है। लोगों ने मांग की है कि यहां ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती की जाए। साथ ही, ई-रिक्शा, टेंपो, बस के लिए अलग-अलग ठहराव स्थल व रूट निर्धारित किए जाएं।

लोगों का कहना है कि यदि छोटे और बड़े वाहनों के लिए अलग व्यवस्था कर दी जाए, तो पुरानी बैंक चौक पर लगने वाले जाम से काफी हद तक राहत मिल सकती है। नागरिकों का कहना है कि इतने व्यस्त स्थल पर भी ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती नहीं रहती। यही वजह है कि जाम लगने पर लोग अपने स्तर से रास्ता बनाने की कोशिश करते हैं और कुछ देर बाद स्थिति सामान्य होती है।लेकिन यह व्यवस्था स्थायी समाधान नहीं मानी जा सकती।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र