वन्यजीवों से जान-माल, पशुधन एवं फसल क्षति पर सहायता राशि उपलब्ध, किसानों एवं आमजन से योजना का लाभ उठाने की अपील
भागलपुर, 03 अगस्त (हि.स.)। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार द्वारा वन्यजीवों से होने वाली जान-माल, पशुधन, मकान एवं फसल क्षति के विरुद्ध सहायता राशि प्रदान करने की योजना संचालित की जा रही है। इस संबंध में वन प्रमंडल पदाधिकारी, भागलपुर ने आम नागरिकों एवं किसानों से योजना की जानकारी प्राप्त कर आवश्यकतानुसार इसका लाभ उठाने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि योजना के तहत बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, गौर, जंगली सूअर, लकड़बग्घा, भेड़िया, गैंडा, जंगली कुत्ता, मगरमच्छ एवं घड़ियाल जैसे वन्यजीवों के हमले से मानव मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल होने पर 1.44 लाख रुपये तथा सामान्य रूप से घायल होने पर 24 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसी प्रकार, वन्यजीवों द्वारा पालतू पशुओं की मृत्यु होने पर भी सहायता राशि का प्रावधान है। हाथी, गौर एवं गैंडा द्वारा मकानों को हुई क्षति की स्थिति में क्षति की प्रकृति के अनुसार 12 हजार रुपये से 96 हजार रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके अतिरिक्त, हाथी, घोड़पड़ास एवं जंगली सूअर द्वारा फसल क्षति होने पर किसानों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान है।
यह योजना वन्यजीवों एवं मानव के बीच संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। वन प्रमंडल पदाधिकारी ने किसानों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वन्यजीवों से किसी भी प्रकार की जान-माल, पशुधन, मकान अथवा फसल क्षति होने पर इसकी सूचना तत्काल निकटवर्ती वन कार्यालय अथवा संबंधित वन अधिकारियों को दें, ताकि नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई करते हुए सहायता राशि उपलब्ध कराई जा सके। विभाग ने लोगों से वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करने तथा किसी भी प्रकार की जानकारी या शिकायत के लिए विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-345-7252 पर संपर्क करने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर