गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : डीएम
सहरसा, 04 अप्रैल (हि.स.)। निदेशानुसार शनिवार को आयोजित दैनिक मीडिया ब्रीफिंग के अवसर पर एलपीजी गैस सिलेंडर वितरण की वर्तमान क्रियान्वयन स्थिति के संबंध में अवगत कराया गया।साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में गैस एजेंसी के पास औसत पेंडिंग डिलीवरी दिवस 04 दिनों से अधिक नहीं होना चाहिए।निर्देश उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कारवाई सुनिश्चित की जाएगी।साथ ही आम नागरिकों से अनुरोध है की वे अपने घर पर ही रहे।गैस सिलेंडर की आपूर्ति होम डिलीवरी के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है।उक्त आशय के निर्देश का अनुपालन अक्षरशः करने का निर्देश सभी गैस एजेंसियों को दिया गया है।जिला प्रशासन, सहरसा द्वारा आम जनमानस की सुविधा और रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु शनिवार को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिले के उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपलब्ध आंकड़ों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया है कि कुछ गैस एजेंसियों के पास 'औसत पेंडिंग डिलीवरी' के दिन अत्यधिक गैप हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा कड़े निर्देश जारी किए गए है।जिसकें अंतर्गत.किसी भी सूरत में किसी भी गैस एजेंसी के पास औसत पेंडिंग डिलीवरी दिवस 04 दिन से अधिक नहीं होनी चाहिए। जिस भी वितरक व गैस एजेंसी की औसत पेंडेंसी 04 दिन से अधिक पाई जाएगी। उनके विरुद्ध नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में सुसंगत वैज्ञानिक एवं कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
जिला प्रशासन के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ गैस एजेंसियों द्वारा समस्याओं को लेकर आने वाले उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है।साथ ही सभी गैस एजेंसियों को परामर्श दिया जाता है कि वे सामान्य पूछताछ के लिए आने वाले उपभोक्ताओं के साथ भी शालीन और अच्छा व्यवहार सुनिश्चित करें। उपभोक्ताओं के साथ खराब व्यवहार या अभद्रता की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित गैस एजेंसी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन यह पुनः दोहराता है कि गैस की शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन सभी गैस वितरकों को निर्देश देता है कि वे अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाएं और पेंडेंसी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कम करें ताकि आम जनता को कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े।
हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार