मजदूर अधिकारों में कटौती के खिलाफ ऐक्टू ने किया प्रदर्शन

 


भागलपुर, 03 जून (हि.स.)। मजदूर अधिकारों में कटौती, सामाजिक सुरक्षा योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं कॉरपोरेट परस्त मजदूर विरोधी लेबर कोड्स कानून को रद्द करने आदि के सवाल पर ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) ने बुधवार को स्थानीय बरारी – मायागंज में निर्माण और अन्य असंगठित मजदूरों को एकजुट कर प्रदर्शन किया।

इस दौरान मजदूरों ने लेबर विभाग पर निबंधन और सामाजिक सुरक्षा वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए और मजदूरों का शोषण बढ़ाने वाले लेबर कोड्स कानून को रद्द करने की मांग की। इसके पहले कार्यकर्ताओं ने घर घर जाकर मजदूरों से सम्पर्क किया। कार्यक्रम का नेतृत्व ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त ने किया।

उन्होंने प्रदर्शन में शामिल मजदूरों को सम्बोधित करते हुए यूनियन की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश बेचने वाली, कॉरपोरेटों–अमीरों की दलाल इस सरकार के झांसे में नहीं फंसे। चार लेबर कोड के जरिए मजदूरों के दशकों के संघर्ष से हासिल अधिकारों को छीन लिया गया है। ये कोड्स मजदूरों के अस्तित्व के लिए खतरा है। महंगाई और काम की भारी कमी ने गरीबों – मजदूरों के जीवन के संकट को पहले ही काफी बढ़ा रखा है। इससे उबरने का ठोस उपाय करने के बजाय सरकार ने लेबर कोड्स कानून को लागू कर मजदूरों के कानूनी अधिकार और मामूली सामाजिक सुरक्षा को भी खत्म कर दिया। इसके खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़नी होगी।

उन्होंने लेबर कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और धांधली का पुरजोर विरोध किया। कहा कि ग़रीबों – मजदूरों के अधिकारों पर बुलडोजर चल रहा है और झूठे विकास के नाम पर उन्हें उजाड़ा जा रहा है। मेहनतकश नागरिकों के हितों को कुचल कर पूंजीपतियों, कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में नीतियां बनायी और लागू की जा रही है। दलितों, पिछड़ों, वंचितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर लगातार हमले बढ़ रहें है। लेबर ऑफिस भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है।

प्रदर्शन में ऐक्टू राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त, जिला संयुक्त सचिव राजेश कुमार, बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन के जिला उपाध्यक्ष दिनेश कापरी, बिंदो भारती, चांदनी देवी, समीक्षा कुमारी, प्रमोद रंजन, असंगठित कामगार महासंघ के सकलदेव प्रसाद सिंह, गीता देवी, कविता देवी, कलावती देवी, अमित कुमार सहित चंदा देवी, आशा देवी, मनोज दास, बबलू सिंह, उर्मिला देवी, करुणा कुमारी सहित बड़ी संख्या में महिला – पुरुष मजदूर शामिल हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर