भागलपुर में एएनएम छात्राओं का फूटा गुस्सा, पानी और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर डीएम से लगाई गुहार

 


भागलपुर, 14 सितंबर (हि.स.)। भागलपुर के एएनएम छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली को लेकर छात्राओं का सब्र आखिरकार सोमवार को टूट गया। पिछले आठ महीने से पानी की किल्लत से जूझ रही छात्राएं बीते छह दिनों से स्थिति और गंभीर होने के कारण बेहद परेशान थीं।

बुनियादी जरूरतों के अभाव से तंग आकर सोमवार को बड़ी संख्या में छात्राएं एकजुट हुईं और अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अलंकृता पांडे से मिलने समाहरणालय पहुंचीं।

छात्राओं ने डीएम को एक ज्ञापन सौंपकर छात्रावास की बदतर स्थिति से अवगत कराया। डीएम से मुलाकात के दौरान छात्राओं ने बताया कि वे लंबे समय से पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं के अभाव में रहने को मजबूर हैं। शिकायत के बावजूद अब तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि छात्राओं को पीने और दैनिक उपयोग के पानी के लिए भी दर-दर भटकना पड़ रहा है।

ज्ञापन मिलने के बाद डीएम डॉ. अलंकृता पांडे ने छात्राओं की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने छात्राओं को ढांढस बंधाते हुए स्पष्ट आश्वासन दिया कि 24 घंटे के भीतर छात्रावास में पीने के पानी की व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रावास में अन्य सभी जरूरी और मूलभूत सुविधाओं को 48 घंटे के अंदर सुनिश्चित किया जाए।

डीएम के त्वरित और सकारात्मक आश्वासन के बाद एएनएम छात्राओं ने फिलहाल अपना विरोध और आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।

छात्राओं ने कहा कि प्रशासन के इस ठोस भरोसे के बाद उन्हें उम्मीद है कि पिछले कई महीनों से चली आ रही उनकी परेशानियों का अब अंत हो जाएगा। इसके बाद सभी छात्राएं वापस छात्रावास लौट गईं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर