विश्वविद्यालय परिसर में एबीवीपी का प्रदर्शन, दो घंटे तक ठप रहा कामकाज
भागलपुर, 15 अप्रैल (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर बुधवार को तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में जमकर हंगामा किया।
प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया और सभी विभागों का कामकाज ठप करा दिया। इस दौरान छात्रों ने कुलपति के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडे ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि भागलपुर विश्वविद्यालय में पिछले कई दिनों से विभिन्न समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, लेकिन प्रभारी कुलपति इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मधेपुरा विश्वविद्यालय में एक महिला संविदा कर्मी द्वारा लगाए गए आरोपों पर अब तक कुलपति की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
कुणाल पांडे ने यह भी कहा कि कुलपति के पर्सनल असिस्टेंट के खाते से एक करोड़ रुपये के भुगतान का मामला सामने आया है, जिस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक मीडिया या छात्रों के सामने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कुलपति को पाक-साफ बताने का प्रयास कर रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए राजभवन से संज्ञान लेने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो एबीवीपी उग्र आंदोलन करेगी। वहीं, एबीवीपी के भागलपुर इकाई से जुड़े आशुतोष सिंह तोमर ने कहा कि कुलपति पर लगे आरोपों के बावजूद उन्होंने अब तक कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कुलपति के मौन रहने का कारण क्या है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में जांच समितियों का गठन कर ऐसे लोगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिनका चरित्र संदिग्ध है। आशुतोष सिंह तोमर ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय में कुछ लोगों के माध्यम से छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को आपस में लड़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि कुलपति भागलपुर क्यों नहीं आते और मधेपुरा से ही विश्वविद्यालय का संचालन कब तक किया जाएगा।
छात्र नेताओं ने नई शिक्षा नीति से जुड़े छात्रों की समस्याओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रमोटेड होने के बावजूद परीक्षा नहीं दे पा रहे हैं। एस एम कॉलेज, टीएनबी कॉलेज और मारवाड़ी कॉलेज के छात्र पिछले 15 दिनों से परेशान हैं। परीक्षा नियंत्रक और रजिस्ट्रार द्वारा लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक न तो परीक्षा की स्थिति स्पष्ट हुई है और न ही परिणामों में सुधार हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय को सांकेतिक रूप से बंद कर प्रशासन को आधे घंटे का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इधर सूचना के बाद मौके पर रजिस्टर पहुंचे और विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं से बातचीत की और कहा कि सभी समस्याओं को नोट कर लिया गया है। जल्द ही समाधान कर लिया जाएगा। इसके बाद विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता धरना से उठे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर