आरुण्य-2026 में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को अनुशासन, छात्र कल्याण और तकनीकी शिक्षा का मिला मार्गदर्शन

 


सुपौल, 30 जुलाई (हि.स.)। सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय में आयोजित तीन सप्ताह के स्टूडेंट इंडक्शन-कम-फाउंडेशन प्रोग्राम आरुण्य-2026 के तीसरे दिन गुरुवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए जागरूकता, संवाद और मार्गदर्शन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, छात्र कल्याण योजनाओं और तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए तैयार करना है।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में डीन छात्र कल्याण पंकज कुमार सिंह ने छात्रवृत्ति, छात्र कल्याण योजनाओं, सहायता सुविधाओं तथा महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद प्रो. इंचार्ज नवीन कुमार ने संस्थान की आचार संहिता, अनुशासन, नियमों और विद्यार्थियों के दायित्वों पर प्रकाश डालते हुए जिम्मेदार एवं अनुशासित छात्र जीवन अपनाने का संदेश दिया। आमंत्रित वक्ता जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी तारकेश्वर पटेल ने भारतीय कला, संस्कृति और सांस्कृतिक मूल्यों पर प्रेरक व्याख्यान दिया।

उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा तभी सार्थक होगी, जब उसके साथ भारतीय परंपरा, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का समन्वय हो। उनके संबोधन ने विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने की प्रेरणा दी। छात्रावास उन्मुखीकरण सत्र में मुख्य वार्डन शादाब आजम सिद्दीकी, नंदन कुमार राजू, आशीष आनंद और रौशनी सुमन ने छात्रावास के नियम, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, समय-पालन तथा अनुशासित आवासीय जीवन से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए। विद्यार्थियों को छात्रावास जीवन के दौरान अपनाई जाने वाली जिम्मेदारियों से भी अवगत कराया गया। दोपहर के सत्र में सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष सौरभ कुमार निराला एवं विभागीय शिक्षकों ने प्रयोगशालाओं, शैक्षणिक गतिविधियों, उच्च शिक्षा और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी।

वहीं कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष गोपाल कृष्ण तथा विभाग के शिक्षकों ने आधुनिक तकनीकों, अनुसंधान, प्रयोगशालाओं और भविष्य के रोजगार अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। दिन के अंतिम शैक्षणिक सत्र में डॉ. विकास कुमार सिंह ने साइंस एंड इंजीनियरिंग: शेपिंग फ्यूचर टुगेदर विषय पर व्याख्यान देते हुए विज्ञान और अभियंत्रण की भूमिका, नवाचार तथा सतत विकास के महत्व को रेखांकित किया। इसके बाद आयोजित योग सत्र में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग के महत्व की जानकारी दी गई।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एन. मिश्रा ने कहा कि आरुण्य-2026 केवल शैक्षणिक परिचय तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अनुशासित, संस्कारित, तकनीकी रूप से दक्ष और सामाजिक रूप से उत्तरदायी अभियंता बनाना है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से इंडक्शन कार्यक्रम के प्रत्येक सत्र में सक्रिय भागीदारी करने और महाविद्यालय द्वारा उपलब्ध सभी अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र