किशनगंज में सीआईएसएफ बटालियन व आर्मी बेस कैंप की तैयारी तेज, 500 एकड़ भूमि चिह्नित
किशनगंज, 05 अगस्त (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा किशनगंज जिला देश की सामरिक सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार ने जिले में सीआईएसएफ बटालियन और आर्मी बेस कैंप स्थापित करने की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए जिला प्रशासन ने आवश्यक भूमि चिह्नित कर गृह विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, पोठिया प्रखंड की बुढ़नई पंचायत में सीआईएसएफ बटालियन की स्थापना के लिए 110 एकड़ भूमि उपलब्ध करा दी गई है।
आर्मी बेस कैंप के लिए ठाकुरगंज प्रखंड में 189 एकड़ तथा कोचाधामन-बहादुरगंज सीमा क्षेत्र में 201 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इस प्रकार सेना के बेस कैंप के लिए कुल 390 एकड़ भूमि का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा गया है। किशनगंज की सीमा नेपाल से जुड़ी हुई है, जबकि बांग्लादेश की सीमा यहां से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
वर्तमान में नेपाल सीमा पर एसएसबी तथा बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ तैनात है। अब सीआईएसएफ बटालियन और आर्मी बेस कैंप की स्थापना से जिले की सामरिक महत्ता और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे 'चिकन नेक' के नाम से जाना जाता है, लगभग 22 किलोमीटर चौड़ी वह रणनीतिक पट्टी है, जो पूर्वोत्तर भारत को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ती है। इसकी सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार लगातार विशेष ध्यान दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षाबलों के स्थायी कैंप स्थापित होने से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ जिले के विकास को भी गति मिलेगी। निर्माण कार्य, परिवहन, आपूर्ति सेवाओं और अन्य गतिविधियों में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही सड़क, बिजली और संचार जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होने से आम नागरिकों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह