श्रावणी मेले की तैयारी जोरों पर, लगाया जाएगा तांबे का अर्घा सिस्टम
भागलपुर, 05 जुलाई (हि.स.)। जिले के सुल्तानगंज में बाबा अजगैबीनाथ धाम में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की तैयारी जोरों पर है। इस बार श्रद्धालुओं को जलार्पण के लिए लंबी प्रतीक्षा और धक्का-मुक्की से काफी हद तक राहत मिलने वाली है।
लाखों कांवरियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पहली बार मंदिर के गर्भगृह में आधुनिक तांबे का अर्घा सिस्टम स्थापित किया जायेगा। बाबा अजगैबीनाथ धाम में अधिकारियों ने मंदिर परिसर पहुंचकर प्रस्तावित अर्घा सिस्टम के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने श्रावणी मेला की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जलार्पण व्यवस्था को अधिक वैज्ञानिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए अर्घा सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिया था।
डीएम के निर्देश के अनुपालन में अब मंदिर के गर्भगृह में करीब साढ़े चार फीट ऊंची स्टील संरचना तैयार की जाएगी। जिस पर तांबे का विशेष अर्घा सिस्टम लगाया जाएगा। सदर एसडीओ, सिटी एसपी, डीएसपी ने पूरे मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया है।
इस दौरान अधिकारियों ने मेला क्षेत्र के पाकिंग स्थल,पुलिस आवासन स्थल,चेकपोस्ट, कांवारिया पथ सहित सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। बताया कि डीएम के निर्देशानुसार सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं।
लक्ष्य है कि 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावणी मेला से पहले नई व्यवस्था पूरी तरह तैयार हो जाए। मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन, प्रवेश निकास व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही को भी नए सिरे से व्यवस्थित किया जा रहा है। वहीं सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित मेला बनाने की दिशा में सुल्तानगंज नगर परिषद ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
अजगैबीनाथ मंदिर घाट पर लगे हाईमास्ट लाइट के पोल को करीब आठ फीट विशेष फाइबर इंसुलेटर से कवर कर दिया गया है। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ने या बरसात के दौरान भी करंट की आशंका नहीं रहेगी और श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में गंगा स्नान एवं जलभराव असुविधा नहीं होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर